जासं, एटा: एक दिन पहले ही जिले के कई क्षेत्रों में हल्की बारिश के बाद शुक्रवार को घने कोहरे ने मुश्किल बढ़ाई। दोपहर बाद कई दिन के इंतजार के बाद सूर्यदेव तो चमके, लेकिन ठंडी हवाओं के आगे राहत बेदम रही। उधर, बाजारों में कम रौनक के अलावा लोग यात्रा से भी अपने स्वास्थ्य के मद्देनजर परहेज कर रहे हैं।

गुरुवार को हल्की बारिश ने मौसम में आद्रता बढ़ा दी। शुक्रवार को सुबह का आगाज घने कोहरे के साथ हुआ। आसमान में बादल भी छाए हुए थे। तापमान भले ही न्यूनतम स्तर से उछाल लगाते हुए 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, लेकिन ठंडी हवाओं ने जनमानस को सर्दी से राहत नहीं दी। अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहर बाद घने कोहरे तथा बादलों को चीर कर सूर्यदेव चमके तो सही, लेकिन ठंड से खास राहत नहीं दे सके। शाम होते ही फिर शीतलहर का एहसास बढ़ गया।

हालांकि हर रोज जनमानस मौसम सुधार की उम्मीद कर रहा है। मौसमी रोग तेजी के साथ बढ़ने की स्थिति में हर वर्ग पर रोगों का हमला परेशानी बढ़ा रहा है। लोग जरूरी कार्यों से ही घर से निकल रहे हैं तथा सभी को स्वास्थ्य की चिता के प्रति सजग रहना पड़ रहा है। यही वजह है कि एक सप्ताह से बाजारों की रौनक तो कम हुई साथ ही लोग यात्रा करने से भी परहेज कर रहे हैं। एक सप्ताह से रोडवेज की आय 40 फीसद तक रह गई है। उधर, अब तक ओलावृष्टि की मार से परेशान हुए किसान मौसम सुधरने का इंतजार कर रहे हैं। इतना जरूर है कि कड़कड़ाती ठंड तथा तापमान से गेहूं की फसल को अच्छा लाभ माना जा रहा है। भले ही इस सप्ताह ठंड के चलते अधिकांश व्यापार ज्यादा प्रभावित रहे, लेकिन कड़कड़ाती ठंड के चलते हीटर सहित अन्य इलेक्ट्रानिक आइटमों की बिक्री बढ़ गई।

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