जागरण संवाददाता, एटा: परिवार नियोजन कार्यक्रम की नींव लगातार खिसक रही है। जिले में महिलाओं की नसबंदी लक्ष्य के अनुरूप नहीं हो पा रही हैं। हां, पुरुष नसबंदी की स्थिति में जरूर कुछ सुधार आया है।

जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग परिवार नियोजन कार्यक्रम का संचालन कर रहा है। इसमें लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। महिलाओं को नसबंदी कराने पर 1400 और पुरुषों को 2000 रुपये दिए जाने का प्रावधान है। यूं तो पूर्व के वर्षों के मुकाबले नसबंदी ऑपरेशन की संख्या बढ़ी है, लेकिन बढ़ती आबादी और लक्ष्य के अनुरूप इसे अच्छा नहीं कहा जा सकता है। बीते वित्त वर्ष में 1936 महिलाओं की नसबंदी करने का लक्ष्य तय किया गया था। लेकिन पूरे साल में 1348 ऑपरेशन किए जा सके। पुरुष नसबंदी 48 की हुईं, जबकि लक्ष्य 72 का था। सीएमओ डॉ. अजय अग्रवाल ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर नसबंदी कैंप लगाकर ऑपरेशन कराए जा रहे हैं। इसके लिए रोस्टर तय किया गया है। परिणाम भी सकारात्मक हैं। इस साल और मेहनत की जाएगी। निजी अस्पताल नहीं ले रहे रुचि: तीन साल पहले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत निजी अस्पतालों को शामिल करने के लिए हौंसला साझेदारी योजना शुरू की। जिसके तहत निजी अस्पताल पर नसबंदी करने पर लाभार्थियों ही नहीं, संबंधित चिकित्सकों को भी सरकार की ओर से प्रोत्साहन धनराशि दी जाती है, लेकिन यहां पूरे जिले में महज एक निजी अस्पताल ने ही इस योजना में पंजीकरण कराया है। अन्य अस्पताल संपर्क करने के बावजूद तैयार नहीं हुए।

Posted By: Jagran

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