एटा, जासं। सूबे की योगी सरकार द्वारा प्राथमिक शिक्षा में सुधार के लिए जारी किए गए मोबाइल पर विभागीय सूचनाएं देने के नए फरमान ने प्राथमिक शिक्षकों की त्योरिया चढ़ा दीं हैं। बुधवार को सरकार के इस नए फरमान के विरोध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के शिक्षकों ने शहर के शहीद पार्क में एक दिवसीय धरना सभा कर न सिर्फ सरकार पर शिक्षकों को प्रताड़ित करने का आरोप जड़ा, बल्कि यह भी ऐलान कर दिया कि शिक्षक अपने निजी मोबाइल से किसी भी तरह की कोई विभागीय सूचनाएं नहीं देगें।

संघ के जिला संयोजक राकेश चौहान ने कहा कि सरकार की मंशा शिक्षकों को तरह-तरह से प्रताड़ित करने की है। सरकार प्रेरणा एप लागू करके शिक्षकों को अपमानित करने का कुचक्र रच रही है, जबकि शिक्षकों की संख्या पर सरकार विचार नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से अन्य विभागों का कार्य लेना बंद किया जाए। शिक्षक नेता राजेंद्र उपाध्याय ने कहा कि न्याय पंचायत समूह से जो मोबाइल एप बनाए गए हैं। सभी शिक्षकों को समूह से अलग हो जाना चाहिए। जब तक सरकार फोन या टेबलेट उपलब्ध नही कराती, तब तक कोई भी सूचना फोन के माध्यम से न दें। शिक्षण कार्य को पूरी ईमानदारी से करें। राज्य पुरुस्कृत शिक्षक सूरजपाल वर्मा ने कहा कि प्रेरणाएप से उपस्थिति केवल शिक्षक पर लागू किया जाना भेदभाव पूर्ण है। अगर इसे लागू ही किया जाना है तो हर विभाग में लागू किया जाए। उन्होंने 2 सितंबर को प्रस्तावित चुनाव को सौहार्दपूर्ण माहौल में सम्पन्न कराने पर जोर दिया। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर 12 बजे बीएसए ऑफिस पर एकत्र होकर शिक्षक सम्मान बचाओ दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया। 11, 12, 13 सितंबर को पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर होने वाले धरने में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।

इस दौरान रविकांत यादव, मुनेश सिसौदिया, विवेक कुमार, शैलेंद्र तोमर, भारतवीर, आलोक वाष्र्णेय, संजय चौहान, सत्येंद्र सिंह, जितेंद्र कुमार, हीरालाल, विनोद , कैलाशशाह, शिवराज सिंह, दिनेशबाबू, दीपेंद्र कुमार, संतोष लोधी, राजेंद्र चौहान, गजेंद्रपाल सिंह, राजवीर सिंह, विनय चौहान, हरीशंकर, अनिल दुबे आदि तमाम शिक्षक मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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