जासं, एटा: रामलीला मैदान में लगी मिली लाइटों को पांच-पांच सौ रुपये में बेचा गया था। इसका पता लाइट ठेकेदार के पकड़ में आने के बाद हुआ है। साथ ही पालिका को लाइट ठेकेदार ने 20 लाइट भी उपलब्ध करा दी हैं। कोतवाली नगर में तहरीर देने के बाद लाइट ठेकेदार मामले को निपटाने में जुटा हुआ है। ईओ ने जांच जिलास्तरीय कमेटी से कराने की बात कही है।

कोरोना संकटकाल में दो साल पहले शहर के अंदर नगर पालिका ने डबल ईएसएल कंपनी की लाइट लगवाई थी। ये लाइटें केवल शासन से अनुबंध होने पर पालिका क्षेत्र में ही लगती हैं। शहर में लगी छह हजार से अधिक लाइटों में से 60 लाइट खंभों से चोरी हो गई थी। 10 दिन पहले डबल ईएसएल कंपनी की लाइट रामलीला मैदान में लगी हुई पालिका के प्रकाश निरीक्षक रामकिशन ने देखी थी। जानकारी उन्होंने ईओ को दी थी। अधिशासी अधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली नगर में तहरीर दिलाई थी। लाइट ठेकेदार ने बताया कि डबल ईएसएल कंपनी की लाइट उसने पांच-पांच सौ रुपये में खरीदी हैं। ऐसे में पालिका के कर्मचारी भी लाइट चोरी और उसकी बिक्री में शामिल होते दिख रहे हैं। ईओ डा. दीप कुमार वाष्र्णेय ने बताया कि लाइट चोरी और बरामदगी को लेकर जिलास्तरीय कमेटी से जांच कराई जाएगी। शामिल पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।

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