जागरण संवाददाता, एटा: लगातार चार दिन से तेज धूप व उमस से बेहाल जन-जीवन गुरुवार को गरज से साथ हुई बारिश से चहक उठा। बच्चे खिलखिला कर सड़क व गलियों में मस्ती भरी उमंग भरते रहे। पशु-पक्षी सहित प्रकृति में बारिश की सौगात साफ झलकती दिखी। तेज धूप और उमस से ठिठके किसानी को बारिश की संजीवनी मिली तो खेत गुलजार हो गए। स्कूल की छुट्टी के दौरान हुई वर्षा से बच्चों ने भी खूब मस्ती की।

सुबह तक मौसम साफ था, वातावरण में धूप खिली थी, जिससे गर्मी और उमस से लोग हमेशा की तरह बेहाल दिखे। दोपहर 12 बजे अचानक आसमान में बादलों का डेरा होने और बदरी छाने से हवाओं के झोकों के साथ झमाझम वर्षा होने लगी। तकरीबन डेढ़ घंटे लगातार तेज रफ्तार से हुई इस वर्षा से शहर पानी पानी हो गया। मौसम का मजा लेने के लिए पार्क व चौराहे भीड़ से गुलजार रहे। चार पांच दिन से तेज धूप व उमस से जन-जीवन पूरी तरह से बेहाल बना हुआ था। किसानों की धान की पौध तैयार होने के बाद भी रोपाई ठिठकी हुई थी। हर किसी की निगाह आसमान पर बारिश के लिए टिकी हुई थी। दोपहर में अचानक मौसम ने पलटी मारी और बादल घिर गए। उधर किसानों के लिए तो बारिश ने संजीवनी का काम किया। हरियाली की चहक मौसम के बदलाव को साफ बता रही थी। किसानों का कहना हैं कि थोड़ी बारिश और हो जाए तो धान की बेहतर उपज के लिए नहर व नलकूप की ओर नहीं देखना पड़ेगा। ज्वार, बाजरा, तिल, उरद व मूंग के किसानों ने राहत की सांस ली है।

Posted By: Jagran

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