जागरण संवाददाता, एटा: गुरुवार को जनपद में घर-घर भगवान गणपति का आगमन होगा। गणपत्ति बप्पा को दस दिन तक अपना मेहमान बनाने के आतुर श्रद्धालुओं ने घरों में तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही बप्पा को अपने घर आने का न्यौता भी कुंभकारों के प्रतिष्ठानों पर दिया जा रहा है।

प्राचीन धर्मशास्त्रों के मुताबिक भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मध्यान्ह काल में भगवान गणपति का जन्म हुआ था, ऐसे में भगवान गणपति के जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाने की तैयारियां जोरों पर चल रही है। बुधवार को चतुर्थी मध्यान्ह काल के उपरांत अपराह्न 3 बजकर 45 मिनट से प्रारंभ हो रही है। गुरुवार को दोपहर 2 बजकर एक मिनट तक रहेगी। ऐसे में मध्यान्ह गणपति जन्म का समय 13 सितंबर को सुबह 11.30 से 12.30 के मध्य मिलेगा, जिसमें श्रद्धालु अपने घरों में गणपति बप्पा का प्रवेश कराकर अनंत चतुर्दशी तक पूरे दस दिन का मेहमान बनाएंगे।

सकीट: कस्बा में गणेश चतुर्थी पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं वाष्र्णेय समाज द्वारा अलग-अलग शोभा यात्राएं निकाली जाएगी। संघ के व्यवस्थापक सागर सिकरवार ने शोभयात्रा की तैयारियों की जानकारी दी।

चंद्र दर्शन का निषेध: पुरातन शास्त्रों के मुताबिक भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को चंद्र दर्शन का निषेध बताया है। ग्रंथों के मुताबिक इस दिन चंद्रदर्शन से मिथ्यादोष लगता है। ऐसे में नागरिकों को चाहिए कि वे बुधवार और गुरुवार को चंद्रदर्शन से बचने का प्रयास करें।

Posted By: Jagran