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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Etah News: बैंक के सफाईकर्मी ने कर दी चार खातों की 'सफाई', पार कर दिए 10.91 लाख रुपये, इस तरह पकड़ा मामला

By Jagran NewsEdited By: Abhishek Saxena
Published: Thu, 09 Feb 2023 07:37 AM (IST)

Etah News एटा में बैंक के सफाईकर्मी ने खातों से साफ किए। वरिष्ठ शाखा प्रबंधक ने दर्ज कराई प्राथमिकी। फर्जी ...और पढ़ें

Etah News: एटा में बैंक के सफाईकर्मी ने खातों से साफ किए।
Etah News: एटा में बैंक के सफाईकर्मी ने खातों से साफ किए।

एटा, जागरण टीम। एटा में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बैंक में कार्यरत सफाई कर्मचारी ने चार बचत खातों की सफाई कर डाली। फर्जी हस्ताक्षर कर ट्रांसफर स्लिप से 10.91 लाख रुपये की निकासी कर ली। ग्राहक बैंक पहुंचे तो मामला खुला। बैंक प्रबंधक की ओर से सफाई कर्मचारी के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया है। वहीं बैंक के दूसरे ग्राहक भी चिंतित हो उठे कि कहीं उनके खातों से भी तो धनराशि की निकासी नहीं कर ली गई।

जनवरी में की थी शिकायत

जीटी रोड स्थित इंडियन बैंक के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अश्वनी कुमार गुप्ता ने मंगलवार शाम पुलिस को बताया कि जिटौली हाउस निवासी दयाशंकर गुप्ता ने 25 जनवरी को बैंक में शिकायत की कि उनके बचत खाते से सफाई कर्मचारी रवि कुमार ने 50 हजार रुपये निकाल लिए हैं। इसके बाद कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम भदौं निवासी थान सिंह ने 1.60 लाख, असरौली निवासी सुखदेवी ने सात लाख और ग्राम पवांस निवासी लाल सिंह ने लगभग 1.81 लाख रुपये फर्जी हस्ताक्षर कर ट्रांसफर स्लिप (क्रेडिट डेबिट स्लिप) से रुपये निकालने का आरोप भी रवि कुमार पर लगाया।

आरोप मिले सही

प्रथम दृष्टया खातों की जांच करने पर ग्राहकों द्वारा लगाया गया आरोप सही पाया गया। कोतवाली नगर के इंस्पेक्टर डा. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अश्वनी कुमार गुप्ता की तहरीर पर सफाई कर्मचारी के विरुद्ध धोखाधड़ी कर ग्राहकों के खाते से कुल 10 लाख 91 हजार 600 रुपये निकालने का मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल मामले की विवेचना की जा रही है।

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स्थाई सफाई कर्मचारी गायब

रवि स्थाई सफाई कर्मचारी है और 25 जनवरी को पहली शिकायत आने के बाद से ही गायब है। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है कि सफाई कर्मचारी के साथ इस मामले में किसी बैंक कर्मचारी की भी संलिप्तता हो सकती है। हस्ताक्षर मिलान करने से लेकर नकद भुगतान करने वाले बैंककर्मी अनभिज्ञ कैसे बने रहे। पुलिस ने बैंक के सीसीटीवी फुटेज भी चेक कराए हैं।