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जागरण संवाददाता, एटा: औषधि विभाग की टीमों ने दवा की दो दुकानों पर छापामार कार्रवाई की गई। जिन पर कई तरह की अनियमितताएं पाई गईं। दोनों दुकानों से टीम ने पांच दवाओं के नमूने लिए।

वसंधुरा पहुंची टीम ने वसुंधरा मेडिकल स्टोर की पड़ताल शुरू की। वहां कई दवाओं की बिक्री और खरीद का रिकार्ड नहीं मिला। जिनमें काफी मात्रा में नारकोटिक दवा भी थीं। टीम ने इस तरह की तीन हजार दवाओं की बिक्री पर अगले आदेश तक रोक लगाते हुए संचालक को निर्देश दिए। साथ ही दुकान से संदेहास्पद स्थिति वाली कोडिस्टार सीरप और एस्कोरबिक एसिड इंजेक्शन के नमूने लिए। वहीं जीटी रोड स्थित पारस मेडिकल एजेंसी पर भी छापामारी की। इस मेडिकल स्टोर पर भी कई दवाओं की खरीद का रिकार्ड नहीं मिला। यहां पांच हजार दवाओं की बिक्री अगले आदेश तक रोकने के निर्देश दिए। दुकान से संदेहास्पद विटामिन इंजेक्शन, वेट बोलस और डिक्लोफेनेक सोडियम इंजेक्शन के सैंपल लिए। औषधि निरीक्षक आशुतोष चौबे ने बताया कि कई दवाओं की खरीद आदि की स्थिति स्पष्ट न होने पर उनकी बिक्री पर रोक लगाई गई है। जिन दवाओं के नमूने लिए गए हैं, उन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट में यदि कोई कमी आती है तो कार्रवाई की जाएगी। नमकीन कराई नष्ट, लिया तेल का नमूना

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वसुंधरा में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने भी कार्रवाई की। वहां विष्णु दयाल एंड संस की दुकान पर सरसों के तेल का नमूना लिया। एक्सपायरी डेटेड नमकीन पाए जाने पर उसे नष्ट कराया गया। कार्रवाई होते देख कस्बे में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। अधिकांश व्यापारी दुकानें बंद कर गए। टीम में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ज्ञानपाल ¨सह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल यादव और अरुण कुमार जूनियर शामिल रहे।

Posted By: Jagran

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