जागरण संवाददाता, एटा: गुरुवार को गणेश चतुर्थी पर्व पर गणपति बप्पा मोरिया की गूंज के साथ गजानन की मूर्ति स्थापित की जाएगी। पांच दर्जन से ज्यादा मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर भगवान गणपति को विराजित करने के लिए तैयारियां की गईं हैं।

गणेश चतुर्थी पर्व इस साल भी शहर और कस्बाई क्षेत्रों में मुंबइया माहौल में दिखाई देगा। मुख्यालय पर क्षत्रिय स्वर्णकार मंदिर घंटाघर पर मराठा समाज द्वारा शोभायात्रा निकाली जाएगी। मेहता पार्क में भी गणेश महोत्सव की तैयारी दिनभर की जाती रहीं। वाष्र्णेय नवयुवक मंडल द्वारा पुरानी बस्ती वाष्र्णेय मंदिर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सकीट में वाष्र्णेय समाज द्वारा भी गणपति की मूर्ति स्थापना की तैयारी की गई है। जलेसर में भी श्रद्धालु ¨चताहरण मंदिर में गणपति बप्पा मोरिया के जयघोष करेंगे। अवागढ़, मारहरा, सकीट, जलेसर, जैथरा, अलीगंज आदि स्थानों पर भी पूजा अर्चना के साथ गणपति विराजेंगे।

विद्यारंभ संस्कार

गणेश चतुर्थी पर विद्यारंभ संस्कार भी किए जाते है। उसकी भी तैयारियां यहां की जा रही है।

मराठियों ने शुरू की थी परंपरा

वर्ष 2002 तक गणेश चतुर्थी का पर्व घरों तक ही सीमित था। एटा में 2003 में सोने-चांदी के आभूषणों की कारीगरी करने वाले मराठी परिवारों ने गणेश पूजन का शुभारंभ किया था।

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