एटा, जागरण संवाददाता। जिले में डेंगू संक्रमित निकलने वाले मरीजों को अब बागवाला स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार किया जाएगा। इसके लिए बागवाला स्वास्थ्य केंद्र पर डेडिकेटेड अस्पताल बनाया गया है। तीन चिकित्सकों की तैनाती करते हुए दो डाक्टरों को आनकाल परामर्श के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसीएमओ को डेडिकेटेड अस्पताल का नोडल अधिकारी बनाया गया है।

शहर, कस्बा और ग्रामीण क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इसे देखते हुए शासन ने कोविड अस्पताल में ही डेंगू डेडिकेटेड अस्पताल बनाने का आदेश जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग ने पहले एमसीएच विंग में यह अस्पताल बनाने की कार्ययोजना तैयार की थी। बदलाव करते हुए अब बागवाला स्वास्थ्य केंद्र पर डेडिकेटेड अस्पताल बनाने निर्धारित किया है। 

मरीजों के लिए 30 बेड की व्यवस्था करते हुए तीन चिकित्सक और इतने ही फार्मासिस्ट एवं वार्डब्वाय और स्टाफ नर्स की तैनाती की गई है। इसके अलावा डा. चेतन चौहान और डा. रामसिंह एसीएमओ को आनकाल परामर्श देने के लिए जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं नोडल अधिकारी एसीएमओ डा. राम मोहन तिवारी ने बताया कि गुरुवार से डेंगू डेडिकेटेड अस्पताल शुरू कर दिया गया है। जहां डेंगू संक्रमित लोगों का सही तरह से देखभाल करते हुए उपचार किया जाएगा।

शहर में दो और मिले संक्रमित

डेंगू रोकथाम के लिए लगातार स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लोगों का एलाइजा टेस्ट कराया जा रहा है। उसी टेस्ट रिपोर्ट में शहर के मुहल्ला वर्मा नगर और काशीराम कालोनी निवासी रेखा और आशी संक्रमित निकली हैं। जिले में डेंगू संक्रमित लोगों की संख्या 28 पहुंच चुकी है। 

वहीं डेंगू संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम उन मुहल्लों में ओपीडी करने के साथ ही रोकथाम के लिए तैयारी करने में जुटी है। वहीं जिला मलेरिया अधिकारी लोकमन ने बताया कि संक्रमित मिले लोगों के मुहल्लों में टीम भेजकर ओपीडी कराकर दवा का छिड़काव कराया जाएगा। इसके साथ ही पांच अन्य जगहों पर ओपीडी करते हुए 2148 लोगों को दवा दी गई, जबकि 20 लोगों का एलाइजा टेस्ट के लिए सैंपल लिए गए हैं।

Edited By: Shivam Yadav

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