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एटा मेडिकल कालेज में रार, 13 डाक्टरों का समितियों का इस्तीफा

कार्यवाहक प्राचार्य पर लगाए अनियमितता बरतने का आरोप लिखकर दिया किसी भी धांधली के लिए हम जिम्मेदार नहीं

By JagranEdited By: Published: Tue, 27 Jul 2021 06:51 AM (IST)Updated: Tue, 27 Jul 2021 06:51 AM (IST)
एटा मेडिकल कालेज में रार, 13 डाक्टरों का समितियों का इस्तीफा
एटा मेडिकल कालेज में रार, 13 डाक्टरों का समितियों का इस्तीफा

जासं, एटा: मेडिकल कालेज उद्घाटन से पहले ही विवादों में घिर गया है। पिछले दिनों विभिन्न कारणों से प्राचार्य व फैकल्टी ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। अब आर्थिक भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। कार्यवाहक प्राचार्य पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चिकित्सक व स्टोर प्रभारी ने समितियों से इस्तीफा दे दिया। इन्होंने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने की भी मांग की है। सभी समितियां प्राचार्य ने ही गठित की थी।

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मेडिकल कालेज के कार्यवाहक प्राचार्य डा. राजेश अग्रवाल ने क्रय-विक्रय समिति, पुस्तकालय समिति, टेंडर, भवन समिति सहित कई समितियों का गठन किया था। इनमें कालेज के चिकित्सकों व अन्य स्टाफ को ही शामिल किया गया था। सोमवार सुबह वरिष्ठ चिकित्सक डा. प्रदीप और कार्यवाहक प्राचार्य डा.राजेश अग्रवाल के बीच सामान की खरीद को लेकर सार्वजनिक रूप से तकरार हुई। इस दौरान अग्रवाल पर अनियमितता बरतने के आरोप लगाए गए। इस बीच अन्य चिकित्सकों का भी कहना था कि उन्हें मेडिकल कालेज की समितियों में रख लिया गया है, लेकिन उन्हें पूर्व में इसकी जानकारी ही नहीं दी गई है। इन डाक्टरों ने दिया इस्तीफा

डा. प्रशांत, डा. हिमांशु, डा. रजनी पटेल, डा. अर्चना, डा. जोगेंद्र, डा. निधि गुप्ता, डा. पारुल, डा.अमिताभ समेत कुल 13 डाक्टरों ने समितियों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्राचार्य को लिखकर दिया कि किसी भी धांधली के लिए हम जिम्मेदार नहीं होंगे। आठ करोड़ का खरीदा गया सामान

मेडिकल कालेज के कार्यवाहक प्राचार्य डा. राजेश अग्रवाल ने बताया कि सामान की खरीद के लिए 10 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए थे। जो भी सामान खरीदा जा रहा है, उसके नोडल अधिकारी एसएन मेडिकल कालेज आगरा के प्राचार्य डा. संजय काला हैं। स्थानीय स्तर से किसी भी सामान की खरीद-फरोख्त नहीं हो रही है। अब तक लगभग आठ करोड़ रुपये के सामान की खरीद हो चुकी है। दो करोड़ रुपये फंड में शेष है। अगर क्रय-विक्रय समिति पैसे का उपयोग नहीं करने देगी तो यह पैसा नोडल अधिकारी को रकम ट्रांसफर कर दी जाएगी। मेडिकल कालेज का विवादों से नाता

-मेडिकल कालेज का नाम वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कालेज रखने पर विवाद हुआ, बाद में कालेज का नाम राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कर दिया गया।

-20 जून, 2021 को मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. नितिन जैन सहित पूरी फैकल्टी का अव्यवस्थाओं को लेकर इस्तीफा। इसके बाद के नौ नए चिकित्सकों की भर्ती की गई।

-अब 13 डाक्टरों का अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं को लेकर समितियों से इस्तीफा।


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