जागरण संवाददाता, एटा: जिलाधिकारी सुखलाल भारती ने कहा है कि एक-दो नहीं, बल्कि स्कूलों में तमाम ऐसे गरीब विद्यार्थी भी होते हैं, जिनकी पढ़ाई छात्रवृत्ति से मिलने वाली मदद पर ही संभव हो पाती है। शासन की यह योजना भी खासकर ऐसे विद्यार्थियों के लिए हैं, जिससे कि आर्थिक समस्या के चलते वह शिक्षा से वंचित न हो सकें। जरूरी है कि सभी प्रधानाचार्य पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति व फीस प्रतिपूर्ति योजना के लाभ दिलाने के मामले में लापरवाही न बरतें।

अविनाशी सहाय आर्य इंटर कॉलेज में माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों की छात्रवृत्ति संबंधित बैठक में उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन की स्थिति समयबद्ध हैं। ऐसी स्थिति में जो भी प्रक्रिया है, वह समय से पूरी की जाए। अब शासन ने 75 फीसद उपस्थिति की अनिवार्यता को लेकर भी निर्देश दिए हैं। विद्यार्थियों को भी जागरूक किया जाए कि उनकी उपस्थिति अधिक से अधिक होनी चाहिए। डीएम ने सुमंगला कन्या योजना को लेकर भी कहा कि कक्षा 6 व 9 में प्रवेश लेने वाली पात्र छात्राओं को चिन्हित कर उनके आवेदन भरवाए जाएं।

योजना का लाभ दो बच्चों वाले परिवारों को ही मिलेगा। जुड़वा होने की स्थिति में राहत दी गई है। डीआइओएस एमपी सिंह ने भी प्रधानाचार्यों को छात्रवृत्ति के संबंध में सभी कार्य समय से पूर्ण करने को कहा। जिला समाज कल्याण अधिकारी एसपी सिंह, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी डौली सिंह ने भी शासन के निर्देशों के अनुरूप जानकारियां उपलब्ध कराईं। बैठक में एडीआइओएस केएस वर्मा, प्रधानाचार्य डा. दिनेश वशिष्ठ, विनोद कुदेसिया, डा. विनीता तिवारी, विवेक प्रताप सिंह आदि प्रधानाचार्य व विभागीय कर्मी मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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