जागरण संवाददाता, एटा: डीएपी की रैक आते ही किसानों की साधन सहकारी समितियों पर भीड़ उमड़ने लगी है। केन्द्र खुलने से पहले ही रात को किसान कतार में लग गए थे। घंटों लाइन में खड़े होने के बाद किसानों को डीएपी खाद मिल रही है। गुरुवार को मंडी समिति और बली मुहम्मद चौराहा पर खाद पाने के लिए किसानों की काफी भीड़ देखने को मिली।

रबी की फसल तैयार करने का अंतिम दौर चल रहा है। इसे लेकर किसान बोआई को लेकर पूरी तैयारियों में जुटे हुए हैं, मगर डीएपी की किल्लत किसानों को परेशानी में डाले हुए है। पांच दिन इंतजार करने के बाद आई डीएपी की रैक के बाद किसानों की भीड़ केन्द्रों पर उमड़ी। गुरुवार को मंडी समिति स्थित दोनों खाद केन्द्रों पर दर्जनों की संख्या में महिला और पुरुष की लाइन लगी हुई थी। इसके अलावा शहर के बली मुहम्मद चौराहा स्थित समिति पर किसानों की लाइन लगी दिखी। इतना ही नहीं खाद पाने के लिए किसानों ने समितियों पर रात को ही लाइन लगा ली थी। इससे उन्हें सुबह को जल्द खाद मिल सके। मंडी समिति के अंदर बने केन्द्र पर मौजूद राम सिंह, अनार सिंह, शिशुपाल, राकेश आदि ने बताया कि वे रात दो बजे ही लाइन में लग गए थे। इसके बाद उन्हें दोपहर के वक्त खाद मिल सकी है। जल्द खाद पाने के लिए किसानों में जमकर धक्का-मुक्की भी हुई। इसे लेकर विवाद जैसे हालात भी बने रहे हैं। वहीं, जिला कृषि अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि किसान खाद का स्टाक न करें। सभी किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद दिलाई जाएगी। लगेज से परेशान किसान

जिले के अधिकांश खाद केन्द्रों पर किसानों को लगेज दिया जा रहा है। पोटाश या फिर अन्य रासायनिक पदार्थ किसानों को डीएपी के साथ दिया जा रहा है। इसे लेकर अधिकांश किसानों का बजट गड़बड़ा रहा है। साथ ही कुछ केन्द्रों पर किसानों से सुविधा शुल्क लेकर खाद मुहैया कराई जा रही है। सुविधा शुल्क में किसानों में पचास और सौ रुपये जल्द खाद दिलाने के नाम पर लिए जा रहे हैं। बोले लोग

पिछले पांच दिनों से लगातार साधन सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं। इसके बाद रात चार बजे से डीएपी खाद पाने के लिए कतार में लगे हैं।

प्रेमपाल सिंह खाद न मिल पाने के कारण खेत की नमी कम हो रही है। निजी दुकानों पर मूल्य से अधिक में खाद बिक रही हैं। इसलिए समिति पर खाद लेने आए हैं।

ओमकार सिंह

Edited By: Jagran