जासं, एटा: अवैध पार्किंग अगर कहीं देखनी है तो सदर तहसील में चले जाइए। अगर आप फरियादी हैं और अपनी बाइक से जा रहे हैं तो तहसील के गेट पर ही वसूली करने वाले लोग घेर लेंगे और जबरन पर्ची हाथ में थमा देंगे। बदले में वे 10 रुपये आपसे वसूलेंगे। ऐसा कोई नियम और कानून नहीं कि फरियादी किसी दफ्तर में अपनी शिकायत लेकर आए और दफ्तर की पार्किंग में उसका वाहन खड़ा करने के लिए वसूली की जाए, लेकिन सदर तहसील में यह खेल आसानी से खूब चल रहा है।

सदर तहसील के कार्यदिवस वाले दिन गेट पर काफी चहलपहल रहती है, जैसा कि सोमवार को भी देखने को मिला। यहां रोज की तरह वाहन चालकों से वसूली की गई। तहसील में अपने काम कराने के लिए खासी तादात में लोग प्रतिदिन दोपहिया वाहनों से पहुंचते हैं। बिना पर्ची के बाइक अंदर नहीं जा सकती। अगर कोई जबरन ले जाने की कोशिश करता है तो उसके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है और कभी-कभी मारपीट तक हो जाती है। यह खेल अब से नहीं बल्कि कई साल से चल रहा है। इसे रोकने की कोशिश तमाम शिकायतों के बावजूद भी नहीं की गई।

सवाल यह भी है कि ठेका कौन उठाता है, जो कहीं लिखा-पढ़ी में दर्ज नहीं होता। ठेके के दौरान जो पैसा आता है वह राजस्व खाते में भी पार्किंग के नाम से जमा नहीं होता, क्योंकि ऐसा कोई नियम ही नहीं है कि फरियादियों से तहसील सदर के गेट के अंदर किसी भी तरह की कोई वसूली की जाए। गौर करने वाली बात है कि फरियादी अपना वाहन तहसील के गेट के बाहर नहीं छोड़ सकता क्योंकि वहां पहले से ही इतना अतिक्रमण है कि गाड़ी खड़ी करने के लिए जगह ही नहीं है। ठेका लेने वाले कहते हैं कि उन्होंने पैसा देकर पार्किंग का ठेका लिया है, लेकिन पैसा किसे दिया, कितना दिया इस बारे में वे कुछ भी बोलने को तैयार नहीं। बार-बार कर देते हैं गेट बंद

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कोई भी दोपहिया वाहन चालक सीधे अंदर न दाखिल हो जाए, इसलिए ठेका कर्मचारी आधा गेट तक बंद कर देते हैं। कितनी हैरत की बात है कि यह सारा खेल अफसरों के संज्ञान में है फिर भी कार्रवाई कोई भी नहीं करता। तहसील सदर में पार्किंग के नाम पर खुली लूट हो रही है और कोई देखने वाला नहीं। यह शर्मनाक है कि हम अपनी शिकायत लेकर तहसील में जाएं और वाहन खड़ा करने के लिए तहसील के अंदर पैसा देना पड़े।

- कपिल कुमार अवैध वसूली पर तत्काल लगाम लगनी चाहिए, जो भी वसूली कर रहे हैं उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हो ताकि आगे फरियादियों को अपनी जेबें न हलकी करनी पड़ें।

- सुरेश चंद्र ------

तहसील में पार्किंग का मामला संज्ञान में है, लेकिन ठेका उनके कार्यकाल में नहीं उठाया गया। इस मामले की जांच की जाएगी कि पार्किंग नियमानुसार है अथवा नहीं, अगर कोई गड़बड़ी होगी तो कार्रवाई भी की जाएगी।

- अलंकार अग्निहोत्री, उपजिलाधिकारी सदर

Edited By: Jagran