जासं, एटा: माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट परीक्षा रद की जा चुकी है। भले ही कोरोना संक्रमण के चलते शासन ने परीक्षा रद करने का निर्णय ले लिया, लेकिन अभी परीक्षाफल जारी करने के मामले में खुद बोर्ड गफलत में है। किस स्तर पर मूल्यांकन के मानक तय कर रिजल्ट तैयार किया जाए इसे लेकर बोर्ड ने प्रधानाचार्य, शिक्षक, संगठन पदाधिकारियों तथा अभिभावकों से उनकी सलाह मांगी है।

माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल की परीक्षा पिछले महीने ही रद कर दी। वही इंटरमीडिएट परीक्षा अगर करने का निर्णय भी पिछले सप्ताह ले लिया। परीक्षा रद होने की स्थिति में बोर्ड में माध्यमिक स्कूलों से परीक्षार्थियों के कक्षा नौ व 11 की वार्षिक परीक्षा के अंकों के अलावा प्री बोर्ड के अंक भी अपलोड करा लिए गए। दूसरे बोर्ड के स्कूलों में विद्यार्थियों का परीक्षाओं के आधार पर विद्यार्थियों का मूल्यांकन करने की तैयारी है। वहीं यूपी बोर्ड में रिजल्ट तैयार करने के लिए अभी रायशुमारी को कदम बढ़ाया है। परीक्षार्थियों के मूल्यांकन के संबंध में किस तरह का पैमाना बनाया जाए इसके लिए प्रधानाचार्य, शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों के अलावा अभिभावकों से भी सुझाव मांगे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक मिथिलेश कुमार ने बताया है कि सुझाव परिषद की ईमेल आइडी- यूपीबोर्ड एग्जामिनेशन 2021 जीमेल.काम पर देने को कहा है। मानक पहले निश्चित करना चाहिए था:

शिक्षाविद यूपी सिंह कहते हैं कि मूल्यांकन काम मानक तो परीक्षा रद करने से पहले निश्चित करना चाहिए था। मानक जो भी हो मेधावी विद्यार्थियों का नुकसान होगा। माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष रामलाल कुशवाह कहते हैं कि बोर्ड ने स्कूलों द्वारा भेजे नंबरों पर विश्वास कर लिया, लेकिन यह ज्ञात करने का प्रयास किया ही नहीं कि परीक्षा हुई या नहीं भी।

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