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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यश भारती पाकर डा. रमाकांत ने बढ़ाया यश

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Published: Fri, 28 Oct 2016 08:04 PM (GMT+05:30)

जागरण संवाददाता, एटा : जनपद का यश एक बार फिर बढ़ा है। शहर के अवागढ़ हाउस निवासी डा. रमाकांत यादव को

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जागरण संवाददाता, एटा : जनपद का यश एक बार फिर बढ़ा है। शहर के अवागढ़ हाउस निवासी डा. रमाकांत यादव को प्रदेश सरकार ने यश भारती पुरस्कार से सम्मानित किया है। चिकित्सा के क्षेत्र में 20 साल से सेवा करते हुए उन्हें अन्य पुरस्कार भी मिल चुके हैं।

डा. रमाकांत यादव की प्रारंभिक शिक्षा भी एटा में ही हुई। पहले असीसी कांवेंट स्कूल के छात्र रहे और फिर वर्ष 1980 से 1984 तक राजकीय इंटर कालेज से माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1992 में एमबीबीएस की डिग्री पाने के बाद 1998 में एसएन मेडिकल कालेज आगरा से एमडी मेडीसन की उपाधि पाई। स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोगों की सेवा करने की ललक के साथ उन्होंने वर्ष 2006 में संजय गांधी परास्नातक आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ से डीएम न्यूरोलॉजी की उपाधि भी प्राप्त की। इसी वर्ष वह सैफई के आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर नियुक्त हो गए। जहां उनके नेतृत्व में ही प्रथम सुपर स्पेशिएलिटी विभाग के रूप में न्यूरोलॉजी विभाग स्थापित किया गया। उन्हीं के प्रयास से 2010 में न्यूरोरिहाविलीटेशन सेंटर की स्थापना की गई, जिसमें स्थापित उच्च स्तरीय मशीनों से परीक्षण व उसके आधार पर उपचार का लाभ मिल रहा है। लगभग 25 शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हुए हैं। सराहनीय कार्यों के चलते वर्ष 2009 में इंडियन एसोसिएशन ऑफ क्लीनीकल मेडीसिन द्वारा उन्हें फेलोसिक अवार्ड प्रदान किया गया। शिक्षा एवं स्वास्थ्य के उत्थान में योगदान देते हुए फिलहाल भी वह सैफई मेडिकल कालेज में न्यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष हैं।

जागरण से वार्ता में उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य गरीब, असहायों और रोगियों की सेवा करना हमेशा रहेगा। यश भारती से सम्मानित होने पर जीआइसी पूर्व प्रधानाचार्य रामवीर ¨सह, संजीव यादव एआरएम, अवधेश यादव ठेकेदार, जगदीश ¨सह ट्रांसपोर्टर, कृष्णकांत, चंद्रकांत यादव आदि ने खुशी जताते हुए पुरस्कार को जनपद के लिए गौरव बताया है।