यूपी जनगणना-2027 में हर व्यक्ति से पूछे जाएंगे 40 सवाल, 16-30 नवंबर तक स्वगणना का मौका
जनगणना-2027 के दूसरे चरण में देवरिया जिले के हर परिवार से लगभग 40 सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें व्यक्तिगत जानकारी के ...और पढ़ें

यूपी जनगणना-2027 में हर व्यक्ति से पूछे जाएंगे 40 सवाल।
HighLights
देवरिया में जनगणना-2027 के दूसरे चरण में 40 सवाल पूछे जाएंगे।
नागरिकों को 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की सुविधा मिलेगी।
घर-घर गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक चलेगी।
जागरण संवाददाता, देवरिया। जनगणना-2027 के दूसरे चरण में जिले के हर परिवार व उसमें रहने वाले प्रत्येक सदस्य का ब्योरा दर्ज किया जाएगा। गणनाकर्मी घर-घर पहुंचकर नाम, उम्र, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, जाति, साक्षरता व व्यवसाय समेत करीब 40 सवाल पूछेंगे।
इसके अलावा कोविड टीकाकरण, बैंक खाता, मोबाइल, आधार, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट व ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इसके लिए जिले में 7100 गणना ब्लाक बनाए गए हैं। करीब 6000 प्रगणक व 900 पर्यवेक्षक यह जिम्मेदारी संभालेंगे।
घर-घर गणना का अभियान एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक चलेगा। इससे पहले 16 से 30 नवंबर तक लोगों को स्व-गणना की सुविधा मिलेगी। लोग आनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर स्व-गणना आइडी प्राप्त कर सकेंगे। घर पहुंचने वाले प्रगणक को यह आईडी उपलब्ध करानी होगी।
इसके आधार पर संबंधित गणना ब्लाक में परिवार का विवरण दर्ज किया जाएगा। जनसंख्या गणना के लिए संदर्भ समय पांच जनवरी 2027 की रात 12 बजे निर्धारित किया गया है। जनगणना कार्य के लिए मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। अब जिले के करीब 115 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण आठ अक्टूबर से शुरू होगा।
तीन-तीन दिन के दो बैच में फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में प्रगणकों व पर्यवेक्षकों को तीन-तीन दिन के चार बैच में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें घर-घर गणना, स्व-गणना आईडी व डिजिटल प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
जनगणना-2027 के प्रशिक्षण के लिए फील्ड ट्रेनरों की टीम में बदलाव किया गया है। हालांकि पूर्व में जिम्मेदारी निभा चुके अनुभवी ट्रेनरों को फिर से जिम्मेदारी सौंपी गई है।जिला जनगणना प्रभारी श्रीश मिश्रा ने बताया कि जनगणना को लेकर जिले में तैयारियां निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार कराई जा रही हैं।
प्रशिक्षण से लेकर फील्ड कार्य से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं समय से पूरी कराने की तैयारी है। गणनाकर्मियों को डिजिटल प्रक्रिया और स्व-गणना की व्यवस्था के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि दूसरे चरण की गणना व्यवस्थित ढंग से पूरी हो सके।
