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जोया के भुजिया सेव का विदेश में बजा डंका, 6 किलो से शुरुआत और अब मिला 25 लाख का ऑर्डर, यूपी ट्रेड शो में लगा स्टॉल

Published: Sun, 27 Sep 2026 08:47 PM (IST)

अमरोहा के जोया कस्बे के पारंपरिक भुजिया सेव ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में धूम मचाई, जिससे 25 लाख रुपये तक के थोक ऑर्डर मिले हैं।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में खूब बिखरा जोया के नमकीन भुजिया सेव का जायका।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में खूब बिखरा जोया के नमकीन भुजिया सेव का जायका।

HighLights

  1. यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में अमरोहा के भुजिया सेव को मिली पहचान।

  2. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 25 लाख रुपये तक के थोक ऑर्डर हुए प्राप्त।

  3. जापान से एक कंटेनर नमकीन सेव का बड़ा ऑर्डर मिला।

जागरण संवाददाता, अमरोहा। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में एक जनपद एक व्यंजन योजना में शामिल अमरोहा जनपद के कस्बा जोया के पारंपरिक नमकीन भुजिया सेव का जायका जमकर बिखरा। अंतरराष्ट्रीय फलक पर कारोबार चमक गया।

कारोबारी को बल्क में 25 लाख रुपये तक के आर्डर मिले हैं। 12 बजे ही स्टाक खत्म हो रहा है। जापान से एक कंटेनर नमकीन सेव का आर्डर मिला है। जबकि, चीन व नियतनाम के प्रतिनिधियों ने सैंपल लिए हैं।

कस्बा जोया निवासी फैसल पाशा के पुश्तैनी प्रतिष्ठान फेमस इंडिया कॉर्नर के भुजिया सेव ने ट्रेड शो के हाल नंबर 16 में ऐसा स्वाद का जादू बिखेरा कि रोजाना दोपहर 12 बजे तक ही पूरा स्टाक खत्म हो रहा है।

पहले दिन 35000 रुपये की सेल की थी। दूसरे दिन 58,000 और तीसरे दिन दोपहर तक ही 76,000 रुपये की नगद बिक्री हुई। आगामी दिनों में नगद बिक्री का आंकड़ा एक लाख पार होने की उम्मीद है। अब तक उनको 25 लाख रुपये तक के बल्क आर्डर मिल चुके हैं।

जापानी स्नैक्स व रिटेल क्षेत्र की महिला कारोबारी शीझू ने स्टाल का दौरा किया और फैक्ट्री विजिट के बाद एक पूरे कंटेनर का आर्डर देने पर सहमति जताई। इसके अलावा दुबई, चीन और वियतनाम के व्यापारिक प्रतिनिधियों ने भी नमकीन के सैंपल लिए हैं। चीनी दल करीब सात से आठ हजार की नमकीन नगद खरीदकर ले गया है।

29 सितंबर के बाद मेल व व्हाट्सएप के जरिए बड़े ऑर्डर की औपचारिकता पूरी करने की बात कही है। वहीं, नोएडा, ग्रेटर नोएडा के दो बड़े माल, गाजियाबाद व बंगलूरू की बी2बी कंपनियों और हल्दीराम व बीकाजी के डिस्ट्रीब्यूटर्स ने भी चार से पांच लाख रुपये के तत्काल आर्डर दिए हैं।

दादा ने छह किलो से की थी शुरुआत

फैसल पाशा ने बताया कि उनके कारोबार की नींव वर्ष 1975 में उनके दादाजी ने एनएच-9 किनारे जोया कस्बे में रखी थी। जब नमकीन मात्र छह रुपये रति किलो बिकती थी। पिता के साथ 25 वर्षों से काम कर रहे फैसल तीसरी पीढ़ी के रूप में इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ओडीओसी योजना से वे वर्ष 2024 में इसके द्वितीय संस्करण में जुड़े थे, लेकिन पहली बार इंटरनेशनल ट्रेड शो में स्टाल लगाने का अवसर मिला।

पत्थर की चक्की का बेसन, हाथ से पिसे मसाले और 22 महिलाओं का श्रम

फैसल बाजार का रेडीमेड बेसन लेने के बजाय साबुत चना साफ कराकर अपनी पत्थर वाली पारंपरिक फ्लोर मिल में पिसवाते हैं। खड़े मसालों की पिसाई सिल-बट्टे की तर्ज पर पत्थर की पारंपरिक चक्की से होती है।

नमकीन बनाने में पाम आयल का बिल्कुल उपयोग नहीं होता, बल्कि शुद्ध मूंगफली के तेल में माल तैयार किया जाता है। विदेशी खरीदारों की मांग पर इसे जैतून के तेल में भी तैयार किया जाता है। यूनिट में 45-45 साल पुराने अनुभवी शेफ जुड़े हैं।

ओडीओसी ने पुश्तैनी हुनर को वैश्विक पहचान दी

ओडीओसी योजना ने उनके कारोबार को रातों-रात अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला दी। पहले मेले में आने पर थोड़ी हिचकिचाहट थी, लेकिन पहले ही दिन लोगों के रेस्पांस ने आत्मविश्वास बढ़ा दिया। पहले हम सिर्फ कच्चा माल बनाकर दूसरी कंपनियों को देते थे, लेकिन अब हमारा अपना ब्रांड सीधे दुनिया के सामने है। -फैसल पाशा, संचालक, मुन्ना जी स्वीट कार्नर, जोया।