ओमान में मारे गए सूरज का शव 7 दिन बाद भी नहीं पहुंचा गांव, देवरिया में अधिकारियों ने बंधाया ढांढस
ओमान के पूर्वी तट पर जहाज हमले में जान गंवाने वाले सूरज यादव का शव सात दिन बाद भी उनके ...और पढ़ें

HighLights
ओमान हमले में मारे गए सूरज का शव सात दिन बाद भी नहीं पहुंचा।
परिवार और ग्रामीण बेसब्री से शव आने का इंतजार कर रहे हैं।
देवरिया के अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
संवाद सूत्र, गौरीबाजार। ओमान के पूर्वी तट पर जहाज पर हमले में जान गंवाने वाले करमाजीतपुर (सगड़ा) निवासी सूरज यादव का शव सात दिन बाद भी गांव नहीं पहुंच सका है। मंगलवार को भी स्वजन दिनभर दरवाजे पर टकटकी लगाए ओमान से आने वाली खबर का इंतजार करते रहे। हर गुजरते दिन के साथ उनकी बेचैनी बढ़ती जा रही है।
घर के आंगन में पसरा सन्नाटा और स्वजन की चीत्कार उनकी पीड़ा बयां कर रही है। सूरज की मां पुष्पा और पिता ओमप्रकाश यादव सात दिनों से बेसुध हैं। बाबा-दादी, चाचा-चाची व भाइयों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। चाचा अवधेश यादव ने बताया कि ओमान स्थित भारतीय दूतावास या शिपिंग कंपनी की ओर से अभी तक शव भेजने को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
घटना के सातवें दिन क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर राजेश चतुर्वेदी, तहसीलदार सदर अलका सिंह, थानाध्यक्ष मृत्युंजय राय, कानूनगो कृष्णानंद सिंह और लेखपाल अखिलेश पीड़ित परिवार के घर पहुंचे।
अधिकारियों ने स्वजन को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। ग्रामीणों ने सरकार से सूरज का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द गांव लाने की मांग की है। परिवार की नजर अब प्रशासन और सरकार की ओर से मिलने वाली सूचना पर टिकी है।
