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देवरिया : क्षेत्र के ग्राम बरांव में आयोजित रामलीला में कलाकारों ने भाव पूर्ण मंचन किया गया। वीरता, पराक्रम, शौर्य और मर्यादा को हर जगह ऊंचा स्थान प्राप्त होता है। विश्वामित्र मुनि के साथ प्रभु राम और लक्ष्मण के मिथिला पहुंचने पर नगरवासियों द्वारा उनका गुणगान किया गया। लीला के शुरुआत में पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पुत्र आजम शेख ने प्रभु श्रीराम की आरती उतार गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।

तपोभूमि से राक्षसों का नाश करने व अहिल्या उद्धार के बाद जब दोनों भाई विश्वामित्र के साथ जनकपुर पहुंचे तो वहां के लोग उनके स्वागत में उमड़ पड़े। यहां तक पर्दे में रहने वाली युवतियां भी खुद को नहीं रोक पाईं और झरोखों से इनके सुंदर स्वरूप का दीदार कर अपना आप खो बैठी। जनक जी का आतिथ्य स्वीकार करने के बाद दोनों भाई पूजा के लिए फूल लेने जब मिथिलेश की फुलवारी पहुंचे तो वहां जानकी जी लता की ओट से राम को देख गिरिजा जी से उन्हें पति के रूप में प्राप्त होने की अभिलाषा करती हैं, जिस पर मां भगवती स्वयं प्रकट हो जगत जननी को अभिलाषा पूरा करने का वरदान देती हैं। इसके पूर्व प्रभु राम व लक्ष्मण की आरती के बाद मुख्य अथिति आजम शेख ने कहा कि श्रीराम लीला एकता की इबादत है। ईश्वर तो एक ही है। पात्र के रूप में श्रीराम हिमांशु, लक्ष्मण अभय, जनक राजेश पांडेय, सतीश पांडेय, भगवान, श्रीराम, निशेष, श्याम बहादुर, दुखंती आदि के अभिनय को सराहना मिली। इस अवसर पर रामबली पांडेय, दिनेश ¨सह, डा. वीरेंद्र पांडेय, सुशील पांडेय, पियूष पांडेय सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।

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Posted By: Jagran

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