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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 30, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिजली कटौती से लोग परेशान, व्यवसाय पर भी असर

By JagranEdited By:
Published: Sat, 30 Apr 2022 12:48 AM (IST)

जिले में मार्च माह तक बिजली व्यवस्था बेहतर रही। शहर को 24 घंटे तहसील मुख्यालय को 21 घंटे व ग्रामीण ...और पढ़ें

बिजली कटौती से लोग परेशान, व्यवसाय पर भी असर
बिजली कटौती से लोग परेशान, व्यवसाय पर भी असर

देवरिया: गर्मी बढ़ते ही शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक हो रही अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। पंखे नहीं चलने से गर्मी में पसीना तो रात में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जा रहा है। बिजली गुल होने से वेल्डिग, आरा मशीन, फर्नीचर के व्यवसाय पर भी असर पड़ रहा है। हर दिन हजारों रुपये का डीजल जलाकर दुकानदार अपने आवश्यक कार्य निपटा रहे हैं। हालांकि बिजली विभाग के अधिकारी अब जल्द ही अघोषित बिजली कटौती से निजात मिलने का आश्वासन देने लगे हैं।

जिले में मार्च माह तक बिजली व्यवस्था बेहतर रही। शहर को 24 घंटे, तहसील मुख्यालय को 21 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली की आपूर्ति होती रही। अप्रैल माह शुरू होने के साथ ही गर्मी बढ़ी तो इसका असर बिजली व्यवस्था पर भी दिखने लगा। इन दिनों मांग के सापेक्ष जिले में पर्याप्त बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है और बिजली की अघोषित कटौती शुरू हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बमुश्किल आठ से नौ घंटे बिजली मिल रही है। दिन में तो लोग किसी तरह काम निपटा ले रहे हैं, लेकिन रात को लाइट न होने के चलते पंखे नहीं चल रहे हैं और मच्छरों का प्रकोप बढ़ जा रहा है। इन दिनों शहर में 22 से 23 घंटे बिजली आपूर्ति हो पा रही है। व्यवसाय पर भी पड़ने लगा अब असर

बिजली कटौती का असर अब व्यवसाय पर पड़ने लगा है। कुछ वर्ष से बिजली की पर्याप्त आपूर्ति के चलते लोग जनरेटर चलाना व इनवर्टर भी लगाना छोड़ दिए थे। लेकिन अचानक बिजली आपूर्ति प्रभावित होते ही इनवर्टर की मांग बढ़ गई है और वर्षों से न चलने वाले जनरेटर भी इन दिनों जहर उगलने लगे हैं। दिन भर चल रहे जनरेटर के धुआं प्रदूषण को बढ़ावा दे रहा है। यहां तो सौर ऊर्जा से काम कर रहे दुकानदार

खुखुंदू में एक निजी कंपनी द्वारा सौर ऊर्जा का प्लांट लगाया गया है। इस कंपनी द्वारा खुखुंदू बाजार के साथ ही कुछ घरों में भी कनेक्शन दिया गया है। बिजली कटौती शुरू होते ही लोग अब इस कंपनी से कनेक्शन लेना शुरू कर दिए गए हैं। कंपनी के कर्मचारियों का कहना है कि सर्वाधिक कनेक्शन इन दिनों दुकानदार ले रहे हैं। इसमें फर्नीचर, वेल्डिग करने, आरा मशीन चलाने वाले शामिल हैं। बिजली कटौती से व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। कटौती देखते हुए हर दिन घंटों जनरेटर चलाकर कार्य निपटाना पड़ रहा है। डीजल का दाम भी आसमान छू रहा है। अगर आठ घंटे जनरेटर चलाना पड़ रहा है तो 800 से 900 रुपये हर दिन अधिक खर्च करना पड़ रहा है।

दिलीप कुशवाहा, आरा मशीन संचालक, बरहज हम लोग भूल गए थे कि बिजली भी कटती है, इन दिनों बिजली कटौती से व्यवसाय पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। जरुरी होने पर जनरेटर चलाकर कार्य निपटाया जा रहा है। बिजली का खर्च सस्ता है, लेकिन जनरेटर चलाने पर कार्य अच्छा नहीं होता और महंगा भी पड़ रहा है।

राजेश सिंह, वेल्डिग व्यवसायी, लक्ष्मण चौराहा पानी तो भर दिया जा रहा है। लेकिन पानी को ठंडा करने में दिक्कत हो रही है। सुबह तीन घंटे व शाम को तीन घंटे जनरेटर चलाना पड़ रहा है। जिसके चलते खर्च ज्यादा बढ़ जा रहा है। लोगों के मनमाफिक पानी ठंडा भी जनरेटर से नहीं हो पा रहा है।

हरिओम, वाटर प्लांट संचालक