देवरिया: जिला अस्पताल में मरीजों को जांच के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाल यह है कि जिला अस्पताल की पैथालाजी में सभी जांचें नहीं हो रही हैं। चार दिन से यहां मरीजों को कई जांचों के लिए बाहर पैथालाजी में जाना पड़ रहा है।

जिला अस्पताल में प्रतिदिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लोग 40 से 50 किलोमीटर की दूरी तय कर इलाज कराने आते हैं। ओपीडी में डाक्टर मरीजों को इलाज देने के क्रम में खून की जांच लिख रहे हैं। पैथालाजी में जांच कराने पहुंचने पर आधी जांचें हो रही है। आधा जांचें बाहर से कराने की मजबूरी है। प्रभारी पैथालाजी डा. अकील अहमद ने बताया कि रीजेंट समाप्त होने से जांच को लेकर परेशानी है। जिससे कुछ जांचें नहीं हो रही हैं। जेम पोर्टल पर डिमांड किया गया है। देखा जाए कब तक रीजेंट आता है। दलालों की चांदी, सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों की प्राइवेट में करा रहे जांच

जिला अस्पताल में रीजेंट की कमी का पूरा फायदा दलाल उठा रहे हैं। पैथालाजी के बाहर मंडरा रहे दलाल गरीबों को कम खर्च में बेहतर जांच का झांसा देकर उन्हें अपने चंगुल में ले ले रहे हैं। पैथालाजी में एसजीओटी, एसजीपीटी, सेरम ब्लूरूबिन, सीआरपी, यूरिया, एचबीवनसी समेत कई जांचें नहीं हो रही हैं। जिससे मरीज परेशान हैं। भर्ती मरीजों को सर्वाधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। 22886 को लगाया गया कोरोनारोधी टीका

जिले में कोरोनारोधी टीका लगवाने को लेकर एक बार फिर लोगों की सक्रियता बढ़ी है। छूटे हुए लोग केंद्रों पर पहुंच रहे हैं और काफी उत्साह के साथ कोरोनारोधी टीका लगवा रहे हैं। प्रथम डोज लगवाने वालों की संख्या काफी कम रह रही है, कारण अधिकांश लोग टीकाकरण करा चुके हैं। उधर दूसरी डोज लगवाने के लिए इंतजार में बैठे लोग समय पूरा होने पर काफी सक्रियता के साथ केंद्रों पर पहुंच कर टीकाकरण करा रहे हैं। गुरुवार को कुल 22886 लोगों को कोरोनारोधी टीका लगाया गया। जिसमें प्रथम डोज 6218 व दूसरी डोज 16668 लोगों को लगाई गई। टीकाकरण को लेकर जिला अस्पताल में सर्वाधिक भीड़ देखी गई।

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