देवरिया: जिले के 61 आइटीआइ संस्थानों में वर्ष 2019 के दो वर्षीय पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले प्रशिक्षुओं के लिए राहत देने वाली खबर है। इस बार सभी संस्थानों को स्वकेंद्र बनाया गया है। उनकी प्रयोगात्मक परीक्षा एक मार्च से तीन मार्च तक होगी। परीक्षा पर नजर रखने के लिए मजिस्ट्रेट व पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।

जिले में जिला मुख्यालय के अलावा बैतालपुर व गौरीबाजार में राजकीय आइटीआइ है, जबकि 58 जगहों पर निजी आइटीआइ खुले हैं। वर्ष 2019 में दो वर्षीय पाठ्यक्रमों में राजकीय आइटीआइ में टर्नल, मशीनिस्ट, फीटर, मोटर मैकेनिक, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिकल, आइसीटीएसएम व निजी संस्थानों में इलेक्ट्रीशियन व फीटर ट्रेड में प्रवेश दिए गए। कोरोना संक्रमण काल के कारण पहले वर्ष की वार्षिक परीक्षा अभी तक नहीं हुई है। प्रशिक्षु लंबे समय से प्रयोगात्मक परीक्षा का इंतजार कर रहे थे। तारीख तय होने पर राहत मिली है। एक से तीन मार्च तक चलने वाली परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रशिक्षुओं को सुबह 9.30 बजे संस्थान में पहुंचना होगा। डीएम अमित किशोर ने जिले के 61 संस्थानों में परीक्षा की निगरानी के लिए 19 अधिकारियों को मजिस्ट्रेट नामित किया है। इसके अलावा प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक-एक पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।

राजकीय आइटीआइ के प्रधानाचार्य व नोडल अधिकारी गोविद कुमार ने बताया कि प्रयोगात्मक परीक्षा मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगी। परीक्षा की पवित्रता बनाने के लिए शासन के निर्देश पर डीएम ने 19 मजिस्ट्रेट व सभी केंद्रों पर 61 पर्यवेक्षक तैनात किए हैं। जिला कारागार के बंदियों के लिए आयोजित होगा जेपीएल

देवरिया: आइपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) की तरह जिला कारागार में बंदियों के लिए जेपीएल (जेल प्रीमियर लीग) का आयोजन होगा, जिसमें अपनी प्रतिभा बंदी दिखाएंगे और उन्हें चिह्नित कर मुख्यालय पर आयोजित होने वाले खेल प्रतियोगिता में भेजा जाएगा। इसकी तैयारी जेल प्रशासन ने शुरू कर दी है।

जिला कारागार में देवरिया के अलावा कुशीनगर के बंदी बंद होते हैं। बंदियों को खेल-कूद में निखारने के लिए जेल प्रशासन लगातार प्रतियोगिता करा रहा है। अब जेल प्रशासन जेल में जेपीएल कराएगा। इसमें जेल में बंद बंदियों को चिह्नित कर उसमें आठ टीमें गठित की जाएंगी और यह बंदी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। एक पखवारा तक चलने वाले इस प्रतियोगिता का शुभारंभ मार्च माह के प्रथम सप्ताह में होगा। इसकी तैयारी जेल प्रशासन ने बड़े पैमाने पर शुरू कर दी है। कुछ बंदी इसमें प्रतिभाग करने के लिए अभ्यास भी करने लगे हैं। जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी का कहना है कि खेल में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को चिह्नित किया जाएगा। उन्हें प्रदेश स्तर पर आयोजित होने वाले खेल में भेजा जाएगा।

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