1 मिनट की देरी और 'नो एंट्री'... सूर्या एकेडमी के बाहर बिलखते रहे मासूम, देवरिया DM तक पहुंचा मामला
सूर्या एकेडमी, बैतालपुर में एक मिनट की देरी से पहुंचे बच्चों को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया गया। अभिभावक ने ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
एक मिनट की देरी पर बच्चों को स्कूल में प्रवेश नहीं मिला।
अभिभावक ने निदेशक पर अभद्रता और बस सेवा के दबाव का आरोप।
शिकायत जिलाधिकारी तक पहुंची, विद्यालय प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग।
संवाद सूत्र, बैतालपुर, (देवरिया)। सूर्या एकेडमी में शनिवार की सुबह समय सीमा से महज एक मिनट की देरी से पहुंचे मासूम बच्चों को विद्यालय प्रशासन ने गेट पर ही रोक दिया और परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया। इस घटनाक्रम का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बन गया।
घटना नगर पंचायत बैतालपुर के बराबरी निवासी शक्ति नारायण मणि से जुड़ी है। पीड़ित अभिभावक के अनुसार, वह सुबह अपनी पुत्री वैष्णवी कक्षा 4 को लेकर स्कूल पहुंचे थे। महज एक मिनट का विलंब होने पर स्कूल प्रबंधन ने बच्ची को अंदर लेने से साफ इनकार कर दिया। आरोप है कि उस समय और भी बच्चे बाहर खड़े किए गए थे।
अभिभावक शक्ति नारायण मणि का कहना है कि जब उन्होंने बच्ची को परीक्षा या पढ़ाई का हवाला देकर अंदर भेजने का मानवीय अनुरोध किया, तो संस्था के निदेशक राजीव होरा ने उनके साथ बेहद अभद्र और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किया।
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प्रबंधन की इस तानाशाही से क्षुब्ध होकर उन्होंने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर विद्यालय प्रशासन के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। आरोप है जो बच्चे स्कूल की अपनी बस या वैन से आते हैं, उनके देर से पहुंचने पर कोई पाबंदी नहीं होती, जबकि खुद छोड़ने आने वाले अभिभावकों और बच्चों को निशाना बनाकर प्रताड़ित किया जाता है।
विद्यालय में अनुशासन का पालन कराना हमारी प्राथमिकता है। पिछले चार दिनों से बच्चों व अभिभावकों को मौखिक और वाट्सएप ग्रुप के जरिए लगातार सूचित किया जा रहा था कि सुबह 7:40 बजे के बाद प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। बार-बार चेतावनी के बावजूद सुधार न होने पर यह कदम उठाया गया। किसी भी बच्चे या अभिभावक से दुर्व्यवहार या बस के लिए दबाव बनाने का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है।
-राजीव होरा, निदेशक, सूर्या एकेडमी
