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देवरिया में शस्त्र लाइसेंस धारकों की बदली पसंद, पिस्टल और रिवाल्वर की बढ़ी मांग

Published: Tue, 18 Aug 2026 01:08 PM (IST)

देवरिया में लाइसेंसी हथियारों के प्रति लोगों की पसंद बदल रही है, जहां अब पिस्टल और रिवाल्वर पहली पसंद बन ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. देवरिया में पिस्टल और रिवाल्वर पहली पसंद बने।

  2. नौ वर्षों में 664 पिस्टल-रिवाल्वर लाइसेंस जारी हुए।

  3. शस्त्र लाइसेंस के लिए कोई कोटा निर्धारित नहीं।

जागरण संवाददाता, देवरिया। कभी लाइसेंसी असलहों में एकनाली, दुनाली बंदूक व रायफल का क्रेज हुआ करता था, लेकिन अब लोगों की पसंद बदल रही है। सुरक्षा के लिए रखे जाने वाले लाइसेंसी हथियारों में पिस्टल व रिवाल्वर पहली पसंद बनते जा रहे हैं। पिछले करीब नौ वर्षों के आंकड़े इस बदलते रुझान की पुष्टि कर रहे हैं।

जिले में वर्ष 2017 से 20 मार्च 2026 तक जारी 1291 शस्त्र लाइसेंसों में 664 पिस्टल व रिवाल्वर के हैं। वहीं एकनाली व दुनाली के 457 व रायफल के 170 लाइसेंस जारी किए गए हैं।

जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय की ओर से आरटीआइ कार्यकर्ता निर्मल त्रिपाठी को 13 अगस्त को उपलब्ध कराई गई सूचना में यह जानकारी सामने आई है। इसमें बताया गया है कि वर्ष 2017 से 20 मार्च 2026 तक जारी लाइसेंसों में नए लाइसेंस के साथ उत्तराधिकार के आधार पर जारी किए गए लाइसेंस भी शामिल हैं।

कुल लाइसेंसों में आधे से अधिक पिस्टल व रिवाल्वर के होने से इन हथियारों के प्रति लोगों के बढ़ते रुझान का पता चलता है। शस्त्र लाइसेंस जारी करने के लिए किसी निर्धारित कोटे के सवाल पर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि कोई कोटा निर्धारित नहीं है।

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लाइसेंसिंग प्राधिकारी प्रत्येक आवेदन का गुण-दोष के आधार पर परीक्षण करता है। आवेदक की पात्रता व आवेदन से जुड़े तथ्यों के आधार पर लाइसेंस स्वीकृत या अस्वीकृत किया जाता है। आरटीआइ में शस्त्र लाइसेंस वापस किए जाने की जानकारी भी मांगी गई थी।

इसके जवाब में कार्यालय ने बताया कि लाइसेंस वापस करने की कोई सूची उपलब्ध नहीं है। वहीं लाइसेंस जारी करने के लिए कोई निर्धारित समय-सीमा भी तय नहीं है। कार्यालय के अनुसार, वर्ष 2001 से अब तक एडीएम प्रशासन व सीआरओ शस्त्र प्रभारी रहे हैं।