जागरण संवाददाता, बरहज: किसान उत्पादक संगठन एफपीओ बनाकर अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। इसके लिए सरकार अनुदान भी देती हैं।

यह बातें विकासशील किसान कृषि उत्पादक संगठन के अध्यक्ष ज्ञानेश्वर सिंह ने कृषि विभाग द्वारा चलाए जा रहे किसान कल्याण मिशन के तहत दो दिवसीय किसान पाठशाला में दूसरे दिन बुधवार को ग्राम पंचायत बरछौली, बड़कागांव, धौला पंडित के किसानों को एफपीओ के गठन एवं उससे होने वाले सरकारी योजनाओं से लाभ के बारे जानकारी देते हुए कही। किसान जीतना शेयर जमा करेंगे।

ब्लाक कृषि तकनीकी सहायक बृजेंद्र भारती ने धान की कटाई के बाद अवशेष पराली प्रबंधन के लिए जागरूक किया। अजय सिंह ने फसल अवशेष को जलाने पर सरकार द्वारा दंडित करने वाले प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। कृषि रक्षा इकाई के प्रभारी राधेश्याम ने धान में लग रहे रोगों के लक्षणों उनके उपचार के बारे में जागरूक किया। इस दौरान सुभाष, रामजी राय, उदय प्रताप सिंह, बलराम, हीरालाल, लालजी, शंभूनाथ, रामायण, जगदंबा, दीपनारायण,लालचंद, शेषनाथ, गोरखनाथ, महेंद्र, राजकिशोर मौजूद रहे। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई शरदकालीन गन्ने की बोआई

जागरण संवाददाता, तरकुलवा: जिले में पहली बार शरदकालीन गन्ना बोआई का शुभारंभ हो गया। क्षेत्र के कोन्हवलिया बाबूराय में न्यू इंडिया शुगर मिल ढाढ़ा की तरफ से गन्ना किसान परदेसी के खेत में गन्ने की बोआई कराई गई।

गन्ना विकास महाप्रबंधक मनोज कुमार विश्नोई ने कहा कि पहली बार जिले में शरदकालीन गन्ना की बोआई कराई जा रही है। जल्द ही अन्य किसानों के खेतों का भी चयन कर बोआई कराई जाएगी। इस दौरान सुरेंद्र उपाध्याय ने 0118 प्रजाति की बोआई का प्रदर्शन भी किया गया। उन्होंने कहा कि सभी किसान खेतों की तैयारी समय से कर लें। गन्ने की एक आंख के टुकड़े को 15 से 20 मिनट तक हेगजास्टाप, फफूंदी नाशक एवं कीटनाशक का 100 लीटर पानी में घोल बनाकर उपचारित करने के बाद ही बोआई करें। नाली से नाली की दूरी चार से पांच फीट रखें। सामान्य भूमि के लिए 15023 व 0118 तथा जलवायु क्षेत्र के लिए 94184 व 98014 प्रजाति की बोआई करें। सह फसल के रूप में सरसों, मटर, आलू, गोभी, मूली, प्याज आदि की बोआई कर लाभ लें। इस दौरान क्षेत्रीय प्रबंधक श्रीधर दुबे, महेश तिवारी, सुधीर वर्मा, जगत राव, दुर्गेश सिंह, रिकू पाल, सन्नी यादव, जोखन पांडेय, शिव नारायण उपाध्याय, उपेंद्र प्रताप सिंह, रामाधार राव प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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