जागरण संवाददाता, देवरिया: जिले में नदियों का जलस्तर कम होने से तटवर्ती लोगों ने राहत की सांस ली है। लेकिन अभी भी नदियां खतरे के निशान से ऊपर प्रवाहित हो रही हैं। जिससे बाढ़ का खतरा बरकरार है। बरहज क्षेत्र में सरयू व रुद्रपुर इलाके में राप्ती व गोर्रा के जलस्तर लगातार कमी हो रही है। बंधों पर कटान का खतरा बढ़ गया है।

बरहज संवाददाता के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर घटने लगा है। सरयू नदी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर में आठ सेंटीमीटर की कमी आई है।

बुधवार को सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 मीटर से ऊपर 67.50 मीटर पर बह रही है। जलस्तर में आठ सेंटीमीटर की कमी हुई है। सरयू नदी अभी भी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है। जो गांव बाढ़ के पानी से घिरे थे, वहां जलभराव होने से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा पेयजल का संकट बरकरार है।

उधर प्रशासन की तरफ से सरयू नदी पार के बाढ़ प्रभावित गांव परसिया देवार के बाढ़ प्रभावित 150 लोगों में राहत सामग्री वितरित की गई। परसिया देवार के दसरसरिया टोला, भरटोला और आसपास के टोलें के प्रभावित लोगों को राहत सामग्री दी गई। एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि राहत सामग्री वितरित की जा रही है। इस दौरान लेखपाल शमीम अंसारी, ग्राम प्रधान शंकर प्रसाद, रमाशंकर यादव मौजूद रहे।

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खतरे के निशान से राप्ती 15 व गोर्रा 40 सेमी ऊपर

रुद्रपुर : राप्ती और गोर्रा का जलस्तर लगातार कम होता जा रहा है। राप्ती खतरे के निशान 70.50 से महज 15 सेंमी और गोर्रा 40 सेंमी पर प्रवाहित हो रही है। जिससे दोआबा में बाढ़ आने का खतरा अब पूरी तरह टल गया है। नदियों उच्चतम स्तर से काफी नीचे आ चुकी हैं। क्षेत्र के करीब 50 किमी के तटबंधों पर कटान का खतरा और गहराता जा रहा है।

नदियों के जलस्तर में कमी होने से पिड़रा-भुसउल,नीबा, रतनपुर, ईश्वरपुरा, सिलहटा, करौता, बेलुआरघाट, नगवां खास, शीतलमांझा, नरायनपुरऔराई, बहोरादलपतपुर, भिरवां, हड़हा गांव के निकट बांधों पर नदी के कटान का खतरा बढ़ गया है।

Edited By: Jagran