देवरिया में भूलेख खतौनी डेटा में बड़ी गड़बड़ी, लाखों खातेदार प्रभावित
देवरिया में भूलेख पोर्टल पर रियल टाइम खतौनी डेटा में हजारों त्रुटियां मिली हैं। राजस्व परिषद की समीक्षा में गाटा ...और पढ़ें

राजस्व परिषद की समीक्षा में त्रुटियां मिलने पर सुधार के दिए गए निर्देश। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
भूलेख पोर्टल पर खतौनी डेटा में हजारों त्रुटियां मिलीं।
9.29 लाख खातेदारों के नाम और विवरण प्रभावित हुए।
त्रुटियों को सुधारने के लिए तत्काल निर्देश जारी किए गए।
जागरण संवाददाता, देवरिया। भूलेख पोर्टल पर रियल टाइम खतौनी के डाटा में हजारों त्रुटियां सामने आई हैं। राजस्व परिषद की समीक्षा में पाया गया कि जिले के कई गांवों की खतौनी में गाटा संख्या, क्षेत्रफल व खातेदारों के नाम दर्ज करने में गंभीर गड़बड़ी की गई है। त्रुटियां मिलने के बाद इनके सुधार के लिए निर्देश दिए गए हैं।
समीक्षा में पता चला है कि कई जगह नामों में कामा या अन्य स्पेशल कैरेक्टर का प्रयोग किया गया है, जबकि कुछ प्रविष्टियों में एक ही कालम में कई नाम दर्ज कर दिए गए हैं। इस तरह की गड़बड़ियां 43318 रिकार्ड में पाई गई हैं, जिनसे कुल 929137 खातेदारों के नाम प्रभावित हुए हैं।
जिले के 83 गांवों में गाटा यूनिक कोड नहीं बना है या उसकी श्रेणी गलत दर्ज कर दी गई है। वहीं 11429 रिकार्ड ऐसे मिले हैं, जिनमें गाटा संख्या तो उपलब्ध है, लेकिन उसका क्षेत्रफल अंकित नहीं किया गया है। इसके अलावा 6647 रिकार्ड ऐसे पाए गए हैं, जिनमें न तो गाटा संख्या दर्ज है और न ही क्षेत्रफल का उल्लेख किया गया है।
53 गांवों की खतौनी भूलेख पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है, जबकि 11 गांवों की खतौनी अब तक अपडेट नहीं की गई है और वे अभी भी पुरानी फसली में दर्ज हैं। इसके अलावा एक ही गांव में गाटा संख्या एक से अधिक बार दर्ज होने के 123178 रिकार्ड भी सामने आए हैं। खातेदारों के नाम दर्ज करने में भी कई तरह की त्रुटियां मिली हैं।
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प्रदेश में पारंपरिक 13 कालम की खतौनी के स्थान पर अब 19 कालम की आनलाइन खतौनी व्यवस्था लागू है। सीआरओ वीके सिंह ने बताया कि सूची के आधार पर जिले की सभी तहसीलों को त्रुटियों की जांच कर तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
संबंधित एसडीएम व तहसीलदारों को कहा गया है कि खतौनी के डाटा का परीक्षण कर उसे त्रुटिरहित बनाया जाए, ताकि राजस्व अभिलेखों में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित हो सके।
