गन्ने के खेत में मिला एक माह का नवजात बच्चा, छह बेटियों की मां अपनाने को आई आगे मगर मिली मायूसी
देवरिया के भटनी में गन्ने के खेत में एक माह का नवजात शिशु लावारिस मिला, जिसे देखकर ग्रामीण हैरान रह गए।
-1792423939992_m.webp)
गन्ने में खेत मे मिले छः माह के मासूम को गोद मे उठाये लोग। सौ. ग्रामीण
HighLights
देवरिया के गन्ने खेत में मिला नवजात शिशु।
चाइल्ड हेल्पलाइन ने पुलिस की मदद से किया रेस्क्यू।
एक महिला ने बच्चे को गोद लेने की इच्छा जताई।
जागरण संवाददाता, देवरिया। गन्ने के खेत में पड़ा एक माह का मासूम… न रोने की वजह किसी को पता थी और न ही उसे वहां छोड़ जाने वाले का कोई सुराग। सोमवार को भटनी के खुटहा गांव के पास खेत में जब ग्रामीणों की नजर इस नवजात पर पड़ी तो हर कोई हैरान रह गया।
आखिर कौन इस मासूम को खेत में छोड़ गया? किस मजबूरी ने उसे मां की गोद से दूर कर दिया? इन सवालों के जवाब किसी के पास नहीं थे। इसी बीच गांव की दुर्गावती देवी की ममता ने इस मासूम के लिए अपनी बांहें खोल दीं।
छह बेटियों की मां दुर्गावती ने उसे अपनाकर पालने की इच्छा जताई। हालांकि, बच्चे को अपने पास रखने की उनकी चाह पूरी होने के बजाय मायूसी मिली, क्योंकि इससे पहले ही चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम पुलिस की मदद से उसे अपने संरक्षण में लेकर चली गई।
यह है पूरा मामला
खुटहा गांव में रमाशंकर राय के गन्ने के खेत में नवजात बालक पड़ा मिला। लोगों ने उसे देखा तो शोर मचाया और देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मासूम को इस हालत में देखकर दुर्गावती देवी का मन भर आया। उनकी छह बेटियां हैं, लेकिन इस नन्हे बच्चे को देखकर उनके मन में उसे अपनी गोद में खिलाने और उसका पालन-पोषण करने की इच्छा जाग उठी। उन्होंने बच्चे को अपनाने की बात कही। दुर्गावती के पति अवधेश खरवार मुंबई में नौकरी करते हैं। वह भी बच्चे को अपनाने के पक्ष में थे।
रेस्क्यू कर चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय लाया गया मासूम
ग्राम प्रधान रामानंद यादव की सूचना पर चाइल्ड हेल्पलाइन की कर्मी विशाखा गौंड और रीमा कुशवाहा गांव पहुंचीं। बच्चे को रेस्क्यू करने में बाधा आने पर उन्होंने पुलिस की मदद ली। नवजात को भटनी थाने लाया गया।
जीडी में तस्करा दर्ज कराने के बाद मेडिकल कालेज में उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। डाक्टर ने बच्चे को स्वस्थ बताया। इसके बाद उसे चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय लाया गया।
भटनी थानाध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि बच्चे की मां की पहचान करने और उसे खेत में छोड़े जाने की परिस्थितियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें- बदायूं में प्रसव के दौरान नवजात और प्रसूता की मौत, परिजनों का डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप; अस्पताल में हंगामा
