चित्रकूट में गोवंशों की हालत देख फूटा प्रमुख सचिव का गुस्सा, अधिकारियों को अलग-अलग वार्ड बनाने के दिए निर्देश
प्रमुख सचिव पशुधन मुकेश मेश्राम ने चित्रकूट के कसहाई गोआश्रय स्थल का निरीक्षण किया, जहां कीचड़ और हरे चारे की कमी पाई गई।
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HighLights
प्रमुख सचिव ने कसहाई गोआश्रय स्थल का निरीक्षण किया।
गोवंशियों के लिए अलग-अलग वार्ड बनाने के निर्देश दिए।
लंपी टीकाकरण अभियान शीघ्र पूरा करने को कहा।
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। गोवंशी संरक्षण की व्यवस्थाओं की हकीकत परखने के लिए प्रमुख सचिव पशुधन मुकेश मेश्राम ने कसहाई गोआश्रय स्थल का निरीक्षण किया तो गोवंशी वाले हिस्से में कीचड़ की समस्या मिली। वहीं, गोवंशियों को हरा चारा नहीं दिए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। गोशाला में कुल 263 गोवंशी मिले। व्यवस्थाओं में कमी मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव ने खड़ंजा अथवा इंटरलाकिंग कराने के निर्देश खंड विकास अधिकारी को दिए। उन्होंने सभी गोआश्रय स्थलों में नर, मादा और छोटे गोवंशियों के लिए अलग-अलग वार्ड बनाने को कहा। बीमार गोवंशियों के लिए भी अलग वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए, ताकि स्वस्थ गोवंशियों में संक्रमण का खतरा कम किया जा सके। उन्होंने चारा उत्पादक किसानों से हरा चारा खरीदने के लिए तत्काल अनुबंध कराने को कहा।
चूनी-चोकर उपलब्ध कराने के निर्देश
साथ ही सभी गोशालाओं में नियमानुसार चूनी-चोकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि गोवंशियों को पर्याप्त पोषण मिल सके। कसहाई गोआश्रय स्थल के निरीक्षण के बाद उन्होंने ग्राम लोढ़वारा में लंपी बीमारी से ग्रसित होने के बाद स्वस्थ हुए गोवंशियों का भी निरीक्षण किया।
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मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा. जितेंद्र सिंह को लंपी से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। अपर निदेशक डा. अशोक कुमार व उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा. मनोज कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
