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यूपी के सीएम की हो मेहरबानी, तो टीकमगढ़ के सूखे कंठ को मिले पानी; बांध सूखने के कारण भीषण जलसंकट से गुजर रहा शहर

बूंद-बूंद को तरस रहा मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड का टीकमगढ़ शहर अब आशा भरी नजरों से उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर टकटकी लगा कर बैठा है। दरअसल टीकमगढ़ की पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था उस जामनी नदी के रहमोकरम पर है जिस पर उत्तर प्रदेश ने बांध बनाकर रखा है। भीषण गर्मी के चलते इस बार डेढ़ लाख आबादी के कंठ दोनों सूख गए।

By Jagran News Edited By: Abhishek Pandey Thu, 13 Jun 2024 04:12 PM (IST)
यूपी के सीएम की हो मेहरबानी, तो टीकमगढ़ के सूखे कंठ को मिले पानी

मनीष असाटी, नई दुनिया टीकमगढ़। बूंद बूंद को तरस रहा मप्र के बुंदेलखंड का टीकमगढ़ शहर अब आशा भरी नजरों से उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर टकटकी लगा कर बैठा है। दरअसल टीकमगढ़ की पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था उस जामनी नदी के रहमोकरम पर है जिस पर उत्तर प्रदेश ने बांध बनाकर रखा है।

भीषण गर्मी के चलते इस बार नदी की धार और टीकमगढ़ की डेढ़ लाख आबादी के कंठ दोनों सूख गए। टीकमगढ़ के अफसरों ने उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से गुहार लगाई तो पानी छोड़ने की जैसे तैसे फाइल तैयार हुई लेकिन ललितपुर से चली फाइल लखनऊ के सीएम कार्यालय में जाकर अटक गई। आज कल आज कल में पूरे 23 दिन गुजर गए। बांध से पानी छोड़ने की इस फाइल पर यदि सहमति की 'चिड़िया' बैठे तो जामनी नदी में उम्मीद का नीर बहे।

टीकमगढ़ शहर में पेयजल सप्लाई के लिए एमपी-यूपी की सीमा पर स्थित जामनी नदी पर बरीघाट डेम बनाया गया है, जहां पर टीकमगढ़ नगर पालिका परिषद ने फिल्टर प्लांट स्थापित किया है। यहां पर करीब 1.5 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) का कैचमेंट एरिया बनाया गया, जहां पर पानी का भराव होने के बाद उसे फिल्टर कर शहर में नलों के माध्यम से पेयजल सप्लाई किया जाता है। इन दिनों हालात यह हैं कि फिल्टर प्लांट बंद होने जैसा ही है।

बरीघाट का कैचमेंट एरिया सूखने के बाद अब जगह-जगह गड्ढा नुमा स्थान पर भरे पानी को भी नगर पालिका ने 10 पनडुब्बियों को लगाकर निकाला और तीन दिन छोड़कर पानी सप्लाई किया। लेकिन अब हालात यह है कि शहर के 27 वार्डों में महज दो पानी की टैंकर दौड़ रहे हैं, जिनसे जलापूर्ति की जा रही है। ऐसे में जहां भी पानी की टैंकर पहुंचता है तो विवाद की स्थिति निर्मित हो जाती है।

उत्तर प्रदेश सरकार पे प्रशासन लगा रहा पानी छोड़ने की गुहार जामनी नदी पर बने हुए क्योलारी गांव के समीप 16 एमसीएम क्षमता वाले जमरार बांध में वर्तमान में 2.75 एमसीएम पानी है। इसमें से 1 एमसीएम पानी उपयोग में नहीं जा सकता है।

अब शेष 1.75 एमसीएम पानी में से टीकमगढ़ शहर के लिए 0.86 एमसीएम पानी बांध से छोड़े जाने की चर्चा हुई। 17 मई 2024 को नगर पालिका परिषद टीकमगढ़ और कलेक्टर टीकमगढ़ ने पत्राचार शुरू किया। लगातार यूपी के ललितपुर और झांसी जाकर अधिकारियों से पानी की मांग को लेकर गुहार लगाई। लेकिन 23 दिन बीत जाने के बाद अब तक पानी नहीं मिला है। क्योंकि जिस दिन पानी छोड़ा जाएगा, उसके दूसरे दिन करीब 30 किमी की दूरी तय करने के बाद पानी बरीघाट तक पहुंचेगा।

सीएमओ गीता मांझी के अनुसार तीन बार ललितपुर व दो बार झांसी गए हैं। अब पानी कब मिलेगा, इसका कुछ पता नहीं है। हमने मध्य प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव से लेकर उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से गुहार लगा ली है। कथन- मैं स्वयं चाहता हूं कि टीकमगढ़ के लोगों के लिए पानी मिल सके।

मैंने पूरी फाइल तैयार करके वरिष्ठ अधिकारियों तक रातों-रात भिजवाई है ताकि पानी समय से पहुंच सके। अब पूरा मामला सीएम कार्यालय पहुंच गया है, जहां पर फाइल रखी हुई है। वहां से अनुमति मिलने के बाद तत्काल ही पानी छोड़ दिया जाएगा। - भागीरथ बरुआ, कार्यपालन यंत्री, जमरार बांध, ललितपुर (उत्तर प्रदेश)

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