Ranipur Tiger Reserve: मुरादाबाद में आतंक फैलाने वाले दो तेंदुआ पहुंचे चित्रकूट, अब रानीपुर टाइगर रिजर्व नया ठिकाना
मुरादाबाद में आतंक मचाने वाले दो नर तेंदुओं को वन विभाग ने पकड़कर चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व में सुरक्षित ...और पढ़ें

मुरादाबाद से रेस्क्यू कर रानीपुर टाइगर रिजर्व लाया गया तेंदुआ। वन विभाग
HighLights
मुरादाबाद में आतंक मचाने वाले दो नर तेंदुए पकड़े गए
चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व में सुरक्षित छोड़े गए
रानीपुर जंगल तेंदुओं के लिए नया प्राकृतिक आवास बना
संवाद सहयोगी, मानिकपुर (चित्रकूट)। मुराजाबाद के आबादी वाले इलाकों में दहशत का पर्याय बने दो तेंदुओं को अब रानीपुर टाइगर रिजर्व का जंगल नया ठिकाना बन गया है। मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा और कांठ क्षेत्र में लगातार हमलों के बाद वन विभाग ने व्यापक रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों वयस्क नर तेंदुओं को पकड़ लिया था। बुधवार सुबह मुरादाबाद से लाए गए दोनों तेंदुओं को रानीपुर टाइगर रिजर्व के मानिकपुर प्रथम रेंज अंतर्गत कल्याणपुर बीट के जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
वन क्षेत्राधिकारी सुशील श्रीवास्तव ने बताया कि तेंदुओं का स्थानांतरण पूरी सावधानी और निर्धारित मानकों के अनुसार कराया गया। वन्यजीव चिकित्सक डा. दयाशंकर के नेतृत्व में टीम ने निगरानी में तेंदुओं को जंगल में छोड़ा। मुरादाबाद रेस्क्यू दल में डिप्टी रेंजर हृदेश कुमार, वन दरोगा गौरव कुमार समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
रेस्क्यू दल के अनुसार ठाकुरद्वारा और कांठ क्षेत्र में तेंदुओं के हमलों में तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद वन विभाग ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाया। उनकी गतिविधियों पर दिन-रात नजर रखी गई और 46 पिंजरे लगाए गए। आठ सितंबर को दो वयस्क नर तेंदुओं को पकड़ने में सफलता मिली, जिन्हें अब रानीपुर के प्राकृतिक आवास में पहुंचाया गया है।
रानीपुर टाइगर रिजर्व का बड़ा चारागाह तेंदुओं के लिए अनुकूल माना जाता है। यहां उनके आहार में शामिल हिरन समेत पर्याप्त शाकाहारी वन्यजीव मौजूद हैं। प्राकृतिक झरनों के कारण पानी की उपलब्धता भी बनी रहती है। वन क्षेत्राधिकारी के अनुसार पिछली गणना में क्षेत्र में करीब 90 तेंदुए पाए गए हैं। इससे पहले इनकी संख्या 75 से 77 के बीच बताई गई थी।
टाइगर रिजर्व के उप निदेशक प्रत्यूष कटियार ने बताया कि रानीपुर में तेंदुओं की संख्या बढ़ना जंगल और पर्यावरण संतुलन के लिए सकारात्मक संकेत है। मुरादाबाद से लाए गए दोनों तेंदुओं को यहां पर्याप्त भोजन, पानी और सुरक्षित प्राकृतिक आवास मिलेगा।
