चित्रकूट, जेएनएन। भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में तीन विवाहिता बहनें अपने पति कृष्णा को राजा दशरथ का अवतार मानती हैं। सुहागिन स्त्रियों के पर्व करवा चौथ पर बीते 13 वर्ष से तीनों बहनें करवा चौथ के व्रत पर अपने पति को एक ही छलनी से एक साथ देखती चली आ रही हैं। वह अपने पति को राजा दशरथ का अवतार मानती हैं, जितने तीन रानियां थीं।

चित्रकूट में तीन सगी बहनों ने 13 वर्ष पहले एक ही युवक से विवाह किया। बुधवार को भी तीनों बहनों ने करवा चौथ पर एक साथ छलनी में पति का चेहरा देखा। करवाचौथ पर सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए व्रत रखती हैं। चित्रकूट में इस पर्व की अनूठी मिसाल देखने को मिलती है। यहां पर तीन बहनों का विवाह एक ही युवक से हुआ है। करवा चौथ पर तीनों अपने एक पति के लिए एक साथ व्रत रखते के साथ पूजा भी करती हैं। तीनों बहनों ने करीब 13 वर्ष पहले कृष्णा को पति स्वीकार किया था। तब से आज तक तीनों बहनें एक साथ खुशी-खुशी रह रही हैं। तीनों बहने एक साथ ही करवा चौथ का त्योहार मनाती हैं।

चित्रकूट की तीन बहनों शोभा, रीना और पिंकी की शादी 13 वर्ष पहले कृष्णा से हुई थी। तीनों बहनों ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की डिग्री ले रखी है। जब तीनों बहनों ने कृष्णा से शादी की थी तब यह काफी चर्चा में रही थी। तीनों बहनें एक पति के साथ खुशी-खुशी रह रही हैं। यह तीनों हर वर्ष सुहाग का त्योहार करवाचौथ भी एक साथ ही मनाती हैं। इस वर्ष भी करवाचौथ पर तीनों बहनों ने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा। शाम को चांद के सामने पति के हाथों व्रत तोड़ा। तीनों बहनें एक साथ ही एक घर में रहती हैं। उनके मोहल्ले में रहने वाले लोग भी कहते हैं कि ऐसा उन्होंने पहली बार देखा कि एक पति की तीन पत्नियां हैं और तीनों एक साथ आपस में प्यार से रहती हैं। तीनों अपने पति को राजा दशरथ का अवतार मानती हैं। तीनों बहनों के दो-दो बच्चे हैं। तीनों सगी बहनें अपने पति को एक दिव्य पुरुष मानती हैं। शोभा, रीना और पिंकी का कहना है कि महाकाली से मिली शक्ति के दम पर वो पूरी दुनिया को यह मिसाल देना चाहती हैं कि अगर स्त्री अगर चाहे तो वो सामान्य पुरुष को राजा दशरथ जैसा बना सकती है। 

Edited By: Dharmendra Pandey