जागरण संवाददाता, चित्रकूट : प्रभु श्रीराम की तपोभूमि में भादों की अमावस्या पर रविवार सुबह आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु देश के कोने कोने से पहुंचे हैं। रामघाट पर मंदाकिनी में स्नान करने के बाद कामदगिरि परिक्त्रमा की होड़ लगी हुई है। जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया है।

आस्था के केंद्र चित्रकूट में अमावस्या का काफी महत्व है। प्रत्येक माह की अमावस्या को यहा लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। भादों, श्रावण व दीपावली की अमावस्या पर विशेष आस्था दिखती है। रविवार को भादों की अमावस्या को लेकर शनिवार रात से ही श्रद्धालुओं का बसों, ट्रेनों व निजी वाहनों से आना शुरू हो गया था। रविवार सुबह से मंदाकिनी स्नान व चित्रकूट के महाराजाधिराज मत्य गजेंद्रनाथ के दर्शन के बाद कामदगिरि के लिए रवाना हुए।

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प्रशासन चौकस, कुछ खामिया भी

अमावस्या को लेकर जिला प्रशासन व पुलिस ने पूरी चौकसी दिखाई। 250 बसें व चार मेला स्पेशल ट्रेनें लगाई गई हैं। 16 सेक्टर मजिस्ट्रेट निगरानी कर रहे हैं। हालाकि श्रद्धालुओ को चित्रकूट धाम कर्वी रेलवे स्टेशन से स्थानीय स्तर पर यातायात व्यवस्था ठीक नहीं होने से पैदल भी जाना पड़ा। शनिवार रात में कई घंटे तक बिजली गुल होने से भी दिक्कतें हुईं।

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भीड़ बढ़ने से कई जगह रोका, पार्किंग समस्या

धार्मिक आस्था पर सतना जिला क्षेत्र के तीर्थ स्थलों पर लोगों को रोका गया। आस्था के केंद्र गुप्त गोदावरी गुफा बंद होने से अमावस्या पर श्रद्धालु गोदावरी की प्राचीन गुफा का दर्शन नहीं कर पा रहे हैं। जिला प्रशासन सुरक्षा कारणों का हवाला दे रहा है। अब द्वार खुलवाने की तैयारी है। इससे हजारों श्रद्धालु बिना दर्शन लौट गए। भक्तों को राम लक्ष्मण कुंड, शेषावतार के दर्शन मिलने में भी दिक्कतें हुईं।

Posted By: Jagran