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International Tiger Day: आज चित्रकूट से गूंजेगा बाघ संरक्षण का संदेश, जुटेंगे प्रदेश भर के विशेषज्ञ

Published: Wed, 29 Jul 2026 07:39 AM (IST)

अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर चित्रकूट में राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें उत्तर प्रदेश बाघ संरक्षण में अपनी उपलब्धियों और भविष्य की रणनीति को प्रस्तुत करेगा।

आज चित्रकूट से गूंजेगा बाघ संरक्षण का संदेश।

आज चित्रकूट से गूंजेगा बाघ संरक्षण का संदेश।

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जागरण संवाददाता, चित्रकूट। अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर बुधवार को चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व के तत्वावधान में राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय में होने वाले इस आयोजन के जरिए प्रदेश बाघ संरक्षण में अपनी उपलब्धियों और भविष्य की रणनीति को सामने रखेगा।

कार्यक्रम में रानीपुर टाइगर रिजर्व की आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण, लोगो का अनावरण, वन्यजीव फोटोग्राफी प्रदर्शनी, जनजागरूकता कार्यक्रम और विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।

राज्यमंत्री केपी मलिक करेंगे उद्घाटन

इस कार्यक्रम का शुभारंभ वन राज्यमंत्री केपी मलिक करेंगे। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ''आदिवासी लोगों और स्थानीय समुदायों को केंद्र में रखकर बाघों के भविष्य को सुरक्षित करना'' है। यह थीम बाघ संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भागीदारी के महत्व को रेखांकित करती है।

रानीपुर को वर्ष 2022 में चौथे टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया गया था। बाघों के संरक्षण के प्रयासों का असर इनकी बढ़ती संख्या से लगाया जा सकता है। वर्ष 2018 की गणना में प्रदेश में 173 बाघ थे, जो वर्ष 2022 में बढ़कर 205 हो गए हैं।

वर्ष 2006 में यह संख्या 109, वर्ष 2010 में 118 और वर्ष 2014 में 117 थी। बाघों की संख्या के आधार पर प्रदेश देश में आठवें स्थान पर है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी ने बताया कि बाघों के प्राकृतिक आवास के बेहतर प्रबंधन, प्रभावी सुरक्षा, घास के मैदानों के विकास और प्राकृतिक शिकार प्रजातियों की संख्या बढ़ाने जैसे प्रयासों से यह सफलता मिली है।

मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने में अहम भूमिका निभा रहे ''बाघ मित्र''

मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने में ''बाघ मित्र'' कार्यक्रम भी अहम भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2019 में पीलीभीत में शुरू हुई इस पहल में स्थानीय ग्रामीणों को प्रशिक्षित कर वन विभाग से जोड़ा गया है।

अक्टूबर 2023 में मुख्यमंत्री ने ''बाघ मित्र'' एप भी लांच किया था, जिससे ग्रामीण बाघ या अन्य वन्यजीव दिखने पर फोटो और लोकेशन तुरंत विभाग तक पहुंचाते हैं।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 120 ''बाघ मित्र'' सक्रिय हैं। वन क्षेत्र से सटे गांवों के ये स्वयंसेवक किसी भी वन्यजीव की सूचना तत्काल वन विभाग को देते हैं, जिससे समय रहते निगरानी और बचाव की कार्रवाई संभव हो पाती है।

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