विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

चित्रकूट ग्रामीण बैंक में संदिग्ध लेनदेन, 41 खातों से 50 लाख का ट्रांजेक्शन, साइबर ठगी की आशंका पर 15 खाते सीज

Published: Wed, 23 Sep 2026 10:40 PM (IST)

चित्रकूट के मऊ नगर पंचायत स्थित यूपी ग्रामीण बैंक में 41 संदिग्ध खातों से 50 लाख रुपये के लेनदेन का ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. आधार कार्ड व दस्तावेज चोरी करके साइबर ठगी के लिए खाते खोले जाने को लेकर जांच  

  2. चित्रकूट में खाताधारकों ने बैंक मैनेजर और थाने में की शिकायत तो सामने आया मामला

जागरण संवाददाता, चित्रकूट। मऊ नगर पंचायत स्थित उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में संदिग्ध खातों में लाखों के लेनदेन का मामला सामने आया है। 21 सितंबर को नौ और 23 सितंबर को छह खाताधारकों ने शाखा प्रबंधक शरद कुमार वर्मा को इसकी सूचना दी। इस पर प्रबंधक ने प्रथम जांच में गड़बडी की आशंका पर 15 खाते फ्रीज कर रिपोर्ट क्षेत्रीय कार्यालय को भेज दी।

ग्रामीणों ने बताया कि करीब 41 खातों से 50 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। आधार कार्ड व दस्तावेज चोरी करके साइबर ठगी के लिए खोते खोले जाने की आशंका पर जांच शुरू की गई है।

पुलिस ने कई संदिग्ध खाताधारकों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। जांच में सामने आया कि दो युवकों ने एक बैंक मित्र के माध्यम से लोगों को सरकारी योजना में लाभ का लालच देकर खाता खुलवाया था। खाता खुलवाने पर नकद 800 रुपये व खाते में धनराशि आने पर 1000 रुपये मिलने की बात कही गई थी।

झांसे में आकर करीब 10 दिन पहले कई लोगों ने खाते खुलवाए। बैंक मित्र की मिलीभगत से खाते खोले गए व खाते खुलने के बाद उनमें पैसा आने लगा। दुबारी निवासी छेदीलाल के खाते में 1.63 लाख आया, जिसे खुलवाने वाले ने निकाल लिया। इसका विरोध किया तो विवाद हुआ और छेदीलाल ने थाने में शिकायत कर मामले को सार्वजनिक कर दिया। इसी तरह बाबू के खाते में 4.14 लाख व अनिल के खाते में 1.5 लाख रुपये आए।

आरोप है कि खाता खुलवाने वाले ने खाताधारकों के नाम पर अलग सिमकार्ड लेकर ओटीपी अपने पास रखा था। शाखा प्रबंधक ने बताया कि लेनदेन आइएमपीएस या यूपीआइ से हुआ है। यदि बैंक का कोई कर्मी संलिप्त मिला तो कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। सिम कार्ड व लेनदेन की जांच की जा रही है।

यह भी पढ़ें- UP Assembly Election 2027: कानपुर में 16 नोडल, 44 जोनल और 276 सेक्टर मजिस्ट्रेट होंगे तैनात, 867 संवेदनशील बूथों पर रहेगी नजर