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चित्रकूट के रामघाट में अब नहीं बनेंगे मकान-दुकान, 25 मकान मालिकों को नोटिस

Published: Fri, 11 Sep 2026 09:49 PM (GMT+05:30)

चित्रकूट के रामघाट में मंदाकिनी नदी की बाढ़ से हुई तबाही के बाद अब नए निर्माण पर रोक लगा दी ...और पढ़ें

मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के बाद रामघाट व आसपास बस्तियों में स्थित घरों में घुसा पानी। फाइल फोटो

मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के बाद रामघाट व आसपास बस्तियों में स्थित घरों में घुसा पानी। फाइल फोटो 

HighLights

  1. मंदाकिनी में 29 अगस्त की रिकार्ड बाढ़ के बाद प्रशासन सख्त, क्षतिग्रस्त भवनों की जगह नए निर्माण पर रोक

  2. दो-तीन मंजिला भवन तक हुए थे जलमग्न, तीन दिन का अल्टीमेटम, मरम्मत न कराने पर पालिका ढहाएगी  

जागरण संवाददाता, चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में 23 साल बाद 29 अगस्त को आई रिकार्ड बाढ़ में तबाही झेल चुके रामघाट में अब मकान-दुकान का नया निर्माण नहीं होगा। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने नगर पालिका को इसके स्पष्ट निर्देश दिए। प्रशासन का मानना है कि बाढ़ की जद वाले क्षेत्र में दोबारा निर्माण होने से भविष्य में जनहानि व संपत्ति का नुकसान हो सकता है।

बाढ़ में रामघाट समेत 16 गांव प्रभावित हुए थे। रामघाट की 20 दुकानों संग जिले भर में 1016 मकान व दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की तैयारी है। उधर, मंदाकिनी, सरयू व पयस्वनी के तटवर्ती भवनों की दीवारों में दरारें व अन्य क्षति हुई है।

नगर पालिका ने जर्जर 25 मकानों के मालिकों को नोटिस देकर तीन दिन में मरम्मत कराने को कहा है। दैनिक जागरण ने चार दिवसीय मंदाकिनी कुपित, रोकी राह आई आफत समाचारीय शृंखला में भी अवैध कब्जों, डूब क्षेत्र में निर्माण को बाढ़ का बड़ा कारण बताया था। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कब्जे हटाने और अवैध निर्माण रोकने के निर्देश दिए थे।

नगर पालिका ने नोटिस में कहा है कि मकान स्वामी अपने खर्चे पर क्षतिग्रस्त भवन की मरम्मत करा लें, अन्यथा बुलडोजर चला ध्वस्त कर मलबा हटाया जाएगा। इसका खर्च संबंधित स्वामी से भू-राजस्व की तरह वसूला जाएगा।

नोटिस पहुंचने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। पीड़ितों का आरोप है कि आपदा के बाद उन्हें राहत व मदद के बजाय परेशान किया जा रहा है। लोग पालिका को इन निर्माणों के लिए दोषी मान रहे हैं। कहा- जब निर्माण हुए तब ध्यान नहीं दिया, अब संवेदना के स्थान पर कार्रवाई की जा रही है।

नगर पालिका के ईओ राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के निर्देश पर मंदाकिनी के डूब क्षेत्र में सर्वे की रिपोर्ट में जर्जर मिले भवनों के मालिकों को नोटिस दी गई है। नोटिस का मतलब किसी को उजाड़ना नहीं, भविष्य के हादसों से बचाना है। एसडीएम अजय कुमार यादव ने बताया कि जिन घरों में बाढ़ का पानी भरा था, उन्हें 5000 रुपये की सहायता व भवन क्षतिग्रस्त होने पर 4000 रुपये अतिरिक्त दिए जा रहे हैं।

मंदाकिनी के साथ सरयू व पयस्वनी का भी होगा सीमांकन

मंदाकिनी के साथ सरयू व पयस्वनी नदी के पुराने प्रवाह क्षेत्र का भी सीमांकन कराकर पिलर लगेंगे। बूड़े हनुमान मंदिर घाट के पास से बैराज बनेगा, जिसके लिए सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को विस्तृत लेआउट तैयार करने को डीएम ने कहा है। मध्यप्रदेश के सतना कलेक्टर डा. सतीश कुमार एस वहां के चित्रकूट क्षेत्र में अवैध निर्माण चिह्नित करा रहे हैं।