साझे के मकान ने ली जान, चित्रकूट से अगवा कर भाई पर रातभर बनाया दबाव, नहीं मानने पर कर दी हत्या
चित्रकूट में संपत्ति विवाद को लेकर एक भाई ने अपने बड़े भाई की हत्या कर दी। साझा मकान अपने नाम ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
साझा मकान के बंटवारे को लेकर हुआ विवाद।
बड़े भाई मनोज पाल को अगवा कर की हत्या।
आरोपियों ने हत्या कर शव बांध में फेंका।
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। तीन मकान और सात बीघे जमीन का बंटवारा होने के बाद भी संपत्ति का लालच रिश्तों पर भारी पड़ गया। साझे के एक मकान को अपने नाम कराने के लिए पहले बड़े भाई मनोज पाल पर दबाव बनाया गया। जब वह नहीं माने तो उन्हें मकान बेचने के लिए पांच लाख रुपये का लालच दिया गया। इसके बावजूद मनोज तैयार नहीं हुए तो आरोपितों ने उनकी हत्या की साजिश रच डाली।
पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त को अपहरण के बाद मनोज को भरुआ सुमेरपुर स्थित मकान ले जाया गया, जहां रातभर मकान अपने नाम करने के लिए दबाव बनाया गया। अगले दिन ब्रोकर को बुलाकर पांच लाख रुपये देने की पेशकश भी की गई, लेकिन मनोज ने मकान छोड़ने से इनकार कर दिया। इसके बाद अंधेरा होने पर उन्हें कार से मऊरानीपुर के पास पहाड़ी बांध ले जाया गया। वहां हाथ-पैर बांधकर गला घोंटने के बाद शव पानी में फेंकने की बात सामने आई है।
मूलरूप से जनपद बांदा थाना जसपुरा के गौरीकला के रहने वाले देवीचरन पाल करीब 35 वर्ष पहले जनपद हमीरपुर के भरुआ सुमेरपुर चले गए थे। उनके दो पुत्र मनोज पाल और अनिल पाल थे। जिसके लिए तीन मकान उन्होंने वहां पर बनवाए थे। मरने से पहले देवीचरन में बंटवारा कर दिया था। मनोज पाल करीब 20 वर्ष पहले अपने हिस्से का एक मकान बेंच कर चित्रकूट के भरतकूप क्षेत्र के बैहार गांव में परिवार के साथ रहने लगा था।
परिवार के बंटवारे में सात बीघे जमीन और दो मकानों को लेकर कोई विवाद नहीं था। विवाद सिर्फ एक साझे के मकान को लेकर था। मनोज की पत्नी पट्टी देवी ने आरोप लगाया था कि देवर अनिल पाल और उसकी पत्नी रेखा मकान अपने नाम कराने का दबाव बनाते थे। पुलिस की पूछताछ में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, मकान अपने नाम कराने के बाद उसे ब्रोकर के माध्यम से बेचने की योजना थी।
आरोप है कि योजना के तहत 19 अगस्त को अनिल का बेटा हिमांशु कार लेकर बैहार पहुंचा और मनोज को जबरन शिवरामपुर से अपने साथ ले गया। वहां से उन्हें भरुआ सुमेरपुर के मकान में ले जाया गया। रातभर मकान नाम कराने के लिए दबाव बनाया गया। अगले दिन ब्रोकर के पहुंचने के बाद पांच लाख रुपये देने की बात कही गई, लेकिन मनोज नहीं माने। इसके बाद उनकी हत्या कर शव ठिकाने लगाने का आरोप है।
पुलिस ने मनोज को दिन भर बांध पर खोजा
आरोपितों द्वारा मनोज की हत्या करने के स्वीकार करने के बाद मंगलवार को भरतकूप की पुलिस टीम एक दारोगा, दो सिपाही मऊरानीपुर के पहाड़ी बांध में पटटी देवी को लेकर पहुंचे। गाेताखोरों की मदद से मनाेज की दिनभर तलाश की लेकिन शाम तक कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपितों ने मनोज की हत्या करने की बात स्वीकार की है ऐसे में इनके खिलाफ हत्या की धारा बढ़ा दी गई है।
