चित्रकूट में अस्पताल में नोकझोंक करती रहीं मां और सास, गंभीर रूप से बीमार नवविवाहिता ने तोड़ा दम
चित्रकूट जिला अस्पताल में 21 वर्षीय नवविवाहिता अनुषा की मौत हो गई, जबकि उसकी मां और सास इलाज के बजाय ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
चित्रकूट अस्पताल में 21 वर्षीय नवविवाहिता अनुषा की मौत।
मां और सास इलाज के बजाय आपस में उलझी रहीं।
मां ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया, पुलिस जांच जारी।
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मंगलवार को 21 वर्षीय नवविवाहिता अनूषा जिंदगी और मौत से जूझ रही थी, लेकिन उसके पास मौजूद मां और सास एक-दूसरे से नोकझोंक में उलझी रहीं। दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चलता रहा। चिकित्सकों ने हालत नाजुक देख उसे प्रयागराज रेफर किया, लेकिन दोनों पक्ष उसे ले जाने के बजाय एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे।
करीब दो घंटे बाद महिला ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद दोनों पक्षों में हाथापाई की नौबत आ गई। अनूषा की शादी आठ माह पहले जनपद बांदा थाना अतर्रा कस्बा के नरैनी रोड निवासी संतोष से हुई थी। सीतापुर के चौगलिया बाजार निवासी मां लक्षमनिया देवी ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से पति और ससुरालीजन दहेज के लिए बेटी को प्रताड़ित करते थे।
रक्षाबंधन पर मायके भेजने से मना करने पर विरोध करने पर भी उसके साथ मारपीट की गई थी। इसके बाद वह मायके आ गई, जहां हालत बिगड़ती रही। मंगलवार सुबह हालत गंभीर होने पर स्वजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। सूचना पर ससुरालीजन भी अस्पताल आ गए थे।
उपचार के बीच मां और सास देवमती में तीखी नोकझोंक होती रही। चिकित्सकों ने प्रयागराज रेफर किया, लेकिन महिला को ले जाने की पहल नहीं हुई। करीब दो घंटे बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद विवाद बढ़ने पर अस्पताल सुरक्षाकर्मियों ने पुलिस को सूचना दी।
कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया। कोतवाल अभय राज सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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