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चित्रकूट में खाद्य विभाग का बड़ा एक्शन, मिलावटी दूध-पनीर बेचने वालों पर लगाया 14 लाख का जुर्माना

Published: Fri, 25 Sep 2026 06:10 PM (IST)

चित्रकूट में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटी दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री पर बड़ी ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. चित्रकूट में मिलावटी दूध, पनीर पर खाद्य विभाग की कार्रवाई।

  2. 33 मामलों में 14 लाख रुपये का कुल अर्थदंड लगाया गया।

  3. कारोबारियों और निर्माताओं पर भी हुई सख्त कार्रवाई।

जागरण संवाददाता, चित्रकूट। जनपद में दूध और पनीर को सुरक्षित मना जाता रहा है पहले दूध में पानी की मिलावट सामने आती रही है लेकिन अब पनीर और दूध में मिलावट का खेल हो गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में पनीर और मिश्रित दूध के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं।

मई से अगस्त के बीच दायर ऐसे वादों में न्याय निर्णयन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) चंद्रशेखर ने 33 मामलों में फैसला सुनाते हुए कुल 14 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। कार्रवाई की जद में केवल खाद्य कारोबारी ही नहीं, बल्कि कुछ मामलों में संबंधित निर्माता भी आए हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में पनीर और मिश्रित दूध से जुड़े कई मामले सामने आए। पनीर के मामलों में अलग-अलग कारोबारियों पर जुर्माना लगाया गया। वहीं मिश्रित दूध के नमूनों के मानक के अनुरूप नहीं मिलने पर भी संबंधित कारोबारियों के खिलाफ अर्थदंड की कार्रवाई हुई।

इससे त्योहार और रोजमर्रा की खपत वाले इन खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। जांच में सिर्फ दूध और पनीर ही नहीं, बल्कि साबूदाना, सागो, खोया, दही, सरसों का तेल, रिफाइंड पामोलीन आयल, बादाम शेक, कचरी, स्नैक्स और पान सामग्री से जुड़े मामले भी सामने आए।

साबूदाना के एक मामले में कारोबारी पर 40 हजार और निर्माता पर 1.60 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया। सागो के मामले में कारोबारी पर जुर्माना हुआ। नमक के मामले में कारोबारी पर निर्माता पर अर्थदंड लगाया गया।

बिना पंजीकरण कारोबार पर भी कार्रवाई

बिना पंजीकरण खाद्य कारोबार करने के दो मामलों में भी अर्थदंड लगाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रत्नाकर सिंह ने बताया कि सभी संबंधित कारोबारियों और निर्माताओं को निर्धारित राशि एक माह के भीतर जमा करनी होगी। राशि जमा न करने पर न्यायालय से वसूली प्रमाणपत्र (आरसी) जारी कर कार्रवाई की जाएगी। एक मामले में खाद्य कारोबारी की मृत्यु होने के कारण वाद को दाखिल दफ्तर कर दिया गया।

कार्रवाई की जद में आए कारोबारी और निर्माता

कार्रवाई की जद में आए कारोबारी और निर्माता

क्र.सं. नाम एवं स्थान उत्पाद / विवरण जुर्माना राशि
1 जगदीश पाल, फलवरिया वाराणसी साबूदाना ₹40,000
2 इंद्रेश कुमार निषाद, मऊ पेड़ा ₹50,000
3 राजेंद्र कुमार शिवहरे, कर्वी सागो ₹1,80,000
4 राजकरन, भरतकूप पनीर ₹40,000
5 राजेंद्र प्रसाद यादव, पहाड़ी खोया ₹10,000
6 मोहम्मद रसीद, कर्वी बिना पंजीकरण कारोबार ₹35,000
7 मो. जावेद, पुरानी बाजार कर्वी बिना पंजीकरण कारोबार ₹36,000
8 प्रीती अग्रहरि, कर्वी लिकोरिस सिरप ₹50,000
9 अनूप कुमार, पौसलहा छपरामाफी मिश्रित दूध ₹60,000
10 अनवर, द्वारिकापुरी कर्वी दही ₹10,000
11 मयंक अग्रवाल, पुरानी बाजार कर्वी स्नैक्स ₹30,000
12 सोनू जायसवाल, शंकर बाजार कर्वी साबूदाना ₹10,000
13 कुवर सिंह, ददरी मऊ मिश्रित दूध ₹10,000
14 दिनेशचंद्र, शंकर बाजार कर्वी साल्ट (नमक) ₹10,000
15 बाल किशन खरोल, पांडेय कालोनी कर्वी बादाम शेक ₹40,000
16 तिलक जायसवाल, गल्लामंडी के सामने कसहाई रोड पनीर ₹50,000
17 ललित कुमार चौरसिया, बांदा रोड कर्वी सरसों का तेल ₹60,000
18 मनीष कुमार, गांधीनगर मानिकपुर खाद्य पदार्थ ₹20,000
19 हरि गोपाल मिश्रा, रामनगर मऊ कचरी ₹10,000
20 रामू द्विवेदी, बरगढ़ पनीर ₹50,000
21 अंजीत परिहार, अमानपुर कर्वी पनीर ₹40,000
22 चंद्रभान यादव, ओरा पिलखिनी सरधुवा मिश्रित दूध ₹10,000
23 आशीष मौर्य, गोल तालाब कसहाई रोड पनीर ₹60,000
24 रमेशचंद्र, रैपुरा रिफाइंड पामोलीन आयल ₹10,000
25 संजय अग्रवाल, कसहाई रोड बलदाऊगंज साबूदाना ₹10,000
26 वीरेंद्र कुमार निषाद, द्वारिकापुरी पान सामग्री ₹10,000
27 संजीव कुमार, शंकर बाजार कर्वी कीम ₹20,000
28 हरि गोपाल मिश्रा, रामनगर मऊ कचरी ₹10,000
29 बद्री विशाल, भैसौंधा रोड शिवरामपुर साबूदाना ₹40,000
30 सन्नी अग्रहरि, शंकर बाजार कर्वी मिश्रित दूध ₹40,000
31 राकेश सिंह, कुकरहाई सेमरदहा मानिकपुर खोया ₹30,000
32 रामचंद्र, मैसौंधा शिवरामपुर मिश्रित दूध ₹40,000

घर पर ऐसे करें दूध-पनीर की शुरुआती जांच

दूध में पानी की जांच : दूध की कुछ बूंदें किसी साफ, चिकनी ढलान वाली सतह पर डालें। शुद्ध दूध धीरे-धीरे बहते हुए सफेद निशान छोड़ सकता है, जबकि पानी मिला दूध अपेक्षाकृत तेजी से बहता है।

दूध में स्टार्च की जांच : थोड़ी मात्रा में दूध लेकर उसे ठंडा करें और उसमें आयोडीन घोल की कुछ बूंदें डालें। यदि रंग नीला या नीला-काला हो जाए तो स्टार्च की मिलावट की आशंका हो सकती है। यह परीक्षण सावधानी से करें और आयोडीन को खाने-पीने से दूर रखें।

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पनीर की जांच : पनीर का छोटा टुकड़ा लेकर उसे अच्छी तरह मसलकर पानी में डालकर देखें। असामान्य रूप से बहुत अधिक पाउडर जैसा पदार्थ अलग होने या बनावट में अस्वाभाविक बदलाव दिखने पर मिलावट की आशंका हो सकती है।