बाढ़ का डर भी नहीं रोक सका आस्था का सैलाब, भदई अमावस्या पर चित्रकूट मंदाकिनी में डुबकी को उमड़ा जनसमुद्र
भदई अमावस्या पर चित्रकूट में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा, जहां लाखों श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में पवित्र डुबकी लगाई और ...और पढ़ें

चित्रकूट में स्नान को पहुंचे श्रद्धालु। जागरण
HighLights
लाखों श्रद्धालुओं ने भदई अमावस्या पर मंदाकिनी में स्नान किया
कामदगिरि परिक्रमा के लिए रामघाट पर भारी भीड़ उमड़ी
प्रशासन ने मेले के लिए व्यापक सुरक्षा और सुविधा इंतजाम किए
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। भदई अमावस्या के मुख्य स्नान पर शुक्रवार की भोर से ही तपोभूमि चित्रकूट में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदाकिनी में पवित्र डुबकी लगाने और कामदगिरि की परिक्रमा के लिए लाखों श्रद्धालु रामघाट पहुंच गए। रामघाट से कामदगिरि तक श्रद्धालुओं का रेला नजर आया। प्रमुख द्वार पर भगवान कामदनाथ के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ में दूर तक सिर्फ श्रद्धालुओं के सिर दिखाई दे रहे थे। घाटों और परिक्रमा मार्ग पर तिल रखने की जगह नहीं बची। शाम तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के मंदाकिनी स्नान और कामदगिरि परिक्रमा करने का अनुमान है।
हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, मुरैना और बांदा समेत कई जिलों से श्रद्धालुओं के जत्थे चित्रकूट पहुंचे हैं। कई श्रद्धालुओं ने 200 से 250 किलोमीटर तक की दूरी पैदल तय की। पैरों में छाले और लंबी यात्रा की थकान के बावजूद उनके उत्साह में कमी नहीं दिखी। बुजुर्ग महिलाएं भी पैदल यात्रा करती नजर आईं।

कई श्रद्धालु दो दिन पहले ही चित्रकूट पहुंच गए थे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र को सात जोन और 22 सेक्टर में बांटकर 1500 पुलिसकर्मियों और मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। रामघाट समेत प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग के साथ गोताखोर तैनात किए गए हैं।
पीएसी के पुलिस महानिरीक्षक धर्मवीर सिंह ने रामघाट का निरीक्षण कर जवानों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने लाइफ जैकेट, बचाव उपकरण, सीसीटीवी, कंट्रोल रूम और लाउड हेलर व्यवस्था भी परखी। श्रद्धालुओं को बारी-बारी से सुरक्षित स्नान कराने और संदिग्ध व्यक्ति-वस्तु के साथ अफवाहों पर नजर रखने को कहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने दो अतिरिक्त ट्रेनें चलाई हैं। परिवहन विभाग ने चित्रकूट के साथ बांदा, महोबा और हमीरपुर डिपो से 120 अतिरिक्त बसें लगाई हैं। पार्किंग, रैन बसेरे और चिकित्सा व्यवस्था भी की गई है।
बाढ़ के 15 दिन बाद लौटी रामघाट की रौनक
29 अगस्त की भीषण बाढ़ से प्रभावित रामघाट पर अमावस्या मेले ने फिर से रौनक लौटा दी। प्रशासन ने अभियान चलाकर घाटों और आसपास जमा मलबा व गंदगी हटाई। दुकानदारों ने भी दुकानें साफ कर नया सामान सजा लिया। कर्वी से रामघाट तक प्रमुख चौराहों को सजाया गया है और रोशनी की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की भीड़ से दुकानदारों को कारोबार बढ़ने की उम्मीद है।
स्थानीय अवकाश की घोषणा
भदई अमावस्या के चलते जिलाधिकारी ने 11 सितंबर को जिले में स्थानीय अवकाश भी घोषित किया है। बैंक और कोषागार को छोड़कर सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे, जबकि प्रशासनिक अमला मेले की व्यवस्थाओं और सुरक्षा की निगरानी में सक्रिय रहेगा।
