जासं, चकिया (चंदौली) : प्राचीन काल की योग विद्या जीवन को सरल बनाने का सबसे आसान माध्यम है। इसके विभिन्न आसनों (प्राणायाम) को करके तनाव मुक्त जीवन व्यतीत किया जा सकता है। यह बातें सोमवार को सहज योग ट्रस्ट की ओर से जीआइसी में आयोजित योग शिविर में योगाचार्य अशोक चौहान ने कही। उन्होंने अतिथियों, विद्याíथयों व अभिभावकों को चैतन्य रथ से रूबरू कराया।

कहा प्राचीन काल में योग की शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी व शिक्षक के लिए जरूरी थी। इसके चलते लोगों का मन, मस्तिष्क व शरीर स्वस्थ रहने के साथ ही सार्थक दिशा में चलता था। भौतिकता की चकाचौंध में लोगों ने इस विधा को भुला दिया। परिणाम बदलते पर्यावरणीय परिवेश में लोग अनेक रोगों से ग्रसित होते जा रहे हैं। आह्वान किया कि योग सभी लोग करें। बताया चैतन्य रथ मई 2018 से पूरे भारत में भ्रमण कर रहा है। लोगों में योग के प्रति जागरूकता व योगाभ्यास कराने का कार्य सतत चल रहा है। इसके पूर्व मुख्य अतिथि विधायक प्रतिनिधि अश्विनी दूबे, चेयरमैन अशोक बागी ने रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कोआíडनेटर प्रदीप मौर्या, धनंजय सिंह, नीरज श्याम श्रीवास्तव, मुकेश श्रीवास्तव, प्रमोद, अर्चना, सरोज, सिम्मी आदि उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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