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डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर बढ़ते माल यातायात की होगी गहन पड़ताल, तेज रफ्तार मालगाड़ियों के बीच संरक्षा मानकों की भी होगी परख

By Vivek Kumar Dubey Edited By: Abhishek sharma
Published: Tue, 06 Oct 2026 06:02 PM (IST)

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर बढ़ते माल यातायात के मद्देनजर संरक्षा और परिचालन व्यवस्था की गहन पड़ताल शुरू हो गई है। ...और पढ़ें

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर माल यातायात बढ़ने से संरक्षा व परिचालन की गहन पड़ताल।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर माल यातायात बढ़ने से संरक्षा व परिचालन की गहन पड़ताल।

HighLights

  1. DFC निदेशक पवन कुमार राय ने पीडीडीयू यूनिट का दौरा किया।

  2. रेल कार से ट्रैक, पुल, सिग्नल और विद्युत व्यवस्था जांची गई।

  3. मालगाड़ियों की गति बढ़ाने के साथ संरक्षा मानकों पर जोर।

जागरण संवाददाता, पीडीडीयू नगर (चंदौली)। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर बढ़ते माल यातायात के बीच संरक्षा व परिचालन व्यवस्था की जमीनी पड़ताल शुरू हो गई है। डीएफसी के निदेशक परियोजना नियोजन पवन कुमार राय मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर पीडीडीयू यूनिट पहुंचे।

वह अधिकारियों की टीम के साथ मीरजापुर स्थित न्यू उचडीह स्टेशन से न्यू पीडीडीयू जंक्शन तक रेल कार से विंडो ट्रेलिंग करेंगे। इस दौरान ट्रैक, पुल, सिग्नल, विद्युत, दूरसंचार सहित मालगाड़ियों के सुरक्षित परिचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को परखा जाएगा। निरीक्षण में कॉरिडोर के महत्वपूर्ण रेलखंड पर ट्रैक की स्थिति पर विशेष नजर रहेगी।

पुलों की संरक्षा, सिग्नल प्रणाली, न्यू स्टेशनों पर परिचालन संबंधी इंतजाम तथा पावर हाउस की कार्यप्रणाली भी जांच के दायरे में रहेगी। डीएफसी पर माल यातायात लगातार बढ़ने के कारण रेल ढांचे की क्षमता और परिचालन तैयारियों की समीक्षा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेल कार से विंडो ट्रेलिंग के दौरान अधिकारी कॉरिडोर के विभिन्न हिस्सों का नजदीक से निरीक्षण किया।

ट्रैक या पुल में खामी मिलने पर उसे चिह्नित किया गया। सिग्नल, विद्युत या दूरसंचार व्यवस्था में कमी मिलने पर संबंधित विभाग को सुधार के निर्देश दिए गए। मालगाड़ियों की गति बढ़ाने के साथ संरक्षा मानकों को मजबूत रखना निरीक्षण का प्रमुख उद्देश्य था। निरीक्षण दल में कार्यकारी निदेशक संदेश श्रीवास्तव, पीडीडीयू यूनिट के मुख्य महाप्रबंधक अतुल कुमार, महाप्रबंधक सुरक्षा आशीष मिश्रा, समूह महाप्रबंधक ब्रिज सौरभ पटेल, महाप्रबंधक परिचालन श्रवण कुमार तथा महाप्रबंधक दूरसंचार बीएस तोमर शामिल रहे।

माल ढुलाई में डीएफसी ने बढ़ाई रेल की हिस्सेदारी

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पूर्ण परिचालन से देश में माल परिवहन की तस्वीर बदल रही है। भारतीय रेल के कुल नेटवर्क का करीब चार प्रतिशत हिस्सा रखने वाला डीएफसी 14 प्रतिशत से अधिक रेल माल ढुलाई संभाल रहा है। यात्री ट्रेनों से मालगाड़ियों का मार्ग अलग होने से माल परिवहन की गति, क्षमता और समयबद्धता में सुधार हुआ है।

ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का करीब 1,078 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश से गुजरता है। डीडीयू मंडल इसकी महत्वपूर्ण कड़ी है। सोननगर की ओर से आने वाले कोयला, सीमेंट, खाद्यान्न, उर्वरक सहित भारी माल को उत्तर भारत के बाजारों तक पहुंचाने में यह प्रमुख भूमिका निभा रहा है।

अलग माल गलियारा मिलने से पारंपरिक रेलखंड पर परिचालन का दबाव कम हुआ है, जिससे यात्री ट्रेनों के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध हुई है। डीएफसी पर कोयला, स्टील, उर्वरक, अनाज व सीमेंट के साथ कंटेनर, एफएमसीजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन, ऑटोमोबाइल तथा ई-कॉमर्स पार्सल की ढुलाई भी बढ़ी है।

न्यू भाऊपुर, न्यू दाउदखान, न्यू गुलाओठी, न्यू मिर्जापुर व न्यू दादरी में गति शक्ति कार्गो टर्मिनल व लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इससे प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को तेज माल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

डीएफसी के परिचालन से माल ढुलाई की गति, क्षमता व समयबद्धता बेहतर हुई है। मालगाड़ियों के लिए अलग कॉरिडोर मिलने से पारंपरिक रेल मार्गों पर यात्री ट्रेनों के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध हुई है। तेज कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स में लगने वाला समय व लागत घटाने के साथ माल परिवहन को अधिक भरोसेमंद बनाने में मदद मिली है।

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पवन कुमार राय, निदेशक परियोजना नियोजन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर