जागरण संवाददाता, सैयदराजा (चंदौली) : बरहनी विकास खंड के कई गांवों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। हालांकि इसका लाभ अभी ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। निर्माण के बाद शौचालयों में ताला लटक रहा है। ऐसे में ग्रामीण खुले में शौच करने के लिए विवश हैं।

अधिकांश ग्राम पंचायतों में निर्मित सामुदायिक शौचालयों में ताला बंद है। ऐसे में शौचालय शो-पीस बनकर रह गए हैं। दो साल पहले ओडीएफ घोषित जिले में स्वच्छता की मुहिम को परवान चढ़ाने के उद्देश्य से गांवों में सामुदायिक शौचालय बनवाए गए हैं। इनकी देखरेख और सफाई की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दी जानी है लेकिन अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। ऐसे में कई गांवों में सामुदायिक शौचालयों का ताला नहीं खुल सका है। चार माह पहले ही क्षेत्र के नौबतपुर, बगही समेत कई गावों में शौचालय बने। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब खुले में शौच के लिए नहीं जाना होगा लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद यहां भी ताला लटक गया। ग्रामीण राजेश कुमार कहते हैं कि शौचालय करीब चार माह से बंद पड़ा है। रामसूरत यादव का कहना है कि भला कौन चाहेगा, खुले में शौच जाना। अगर सामुदायिक शौचालय नियमित खुले तो लोग उसी में शौच के लिए जाएंगे, लेकिन जनता की समस्याओं पर किसी का ध्यान नहीं है। जयप्रकाश प्रजापति कहते हैं कि स्वच्छता के प्रचार-प्रसार पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन नतीजा सिफर है। कृष्णानंद प्रजापति ने कहा कि बंद पड़े शौचालय को खोलने की मांग की गई है। बीडीओ एमपी चौबे का कहना रहा कि जिन गांवो में निर्माण पूरा हो चुका है, वहां के नवनिर्वाचित प्रधानों और ग्राम विकास अधिकारियों को सामुदायिक शौचालयों को खोलवाने का निर्देश दिया गया है। लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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