पीडीडीयू नगर में गर्भा एक्सप्रेस में सात नाबालिगों को आरपीएफ अहमदाबाद जाने से पहले किया रेस्क्यू
पीडीडीयू जंक्शन पर गरबा एक्सप्रेस से सात नाबालिगों को आरपीएफ ने बचाया, जो अहमदाबाद में एक पेपर फैक्ट्री में मजदूरी ...और पढ़ें

पीडीडीयू नगर में गरबा एक्सप्रेस से सात नाबालिगों को बाल श्रम से बचाया गया।
HighLights
गरबा एक्सप्रेस से सात नाबालिगों को आरपीएफ ने बचाया।
अहमदाबाद में पेपर फैक्ट्री में मजदूरी के लिए जा रहे थे।
ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत बच्चों को संरक्षण दिया गया।
जागरण संवाददाता, पीडीडीयू नगर (चंदौली)। गरबा एक्सप्रेस के सामान्य कोच में यात्रा कर रहे सात नाबालिगों पर पीडीडीयू जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल की नजर पड़ गई। मंगलवार को जांच के दौरान चार किशोर व तीन किशोरियां बिना अभिभावक के मिले। पूछताछ में सामने आया कि सभी अहमदाबाद की एक पेपर फैक्ट्री में मजदूरी करने जा रहे थे। उन्हें 12 घंटे काम के बदले 10 हजार रुपये मासिक देने की बात कही गई थी।
बच्चों को न तो फैक्ट्री का नाम मालूम था, न ठेकेदार का नाम-पता। प्रभारी निरीक्षक अनिता कुमारी के निर्देशन में आरपीएफ पोस्ट डीडीयू की टीम जंक्शन पर यात्री व बाल सुरक्षा के साथ बाल तस्करी की रोकथाम के लिए चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सुबह करीब 8:38 बजे प्लेटफार्म नंबर आठ पर गरबा एक्सप्रेस पहुंची।
ट्रेन के पिछले सामान्य कोच की जांच में सात नाबालिग मिले। संदेह होने पर आरपीएफ ने बच्चों से पूछताछ की। बच्चों ने बताया कि उनके परिजनों ने टिकट कटवाकर उन्हें ट्रेन में बैठाया था। अहमदाबाद पहुंचने पर ठेकेदार द्वारा उन्हें रिसीव किया जाना था। बच्चों के मुताबिक उन्होंने काम करने वाली जगह भी नहीं देखी थी। फैक्ट्री व ठेकेदार के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं होने पर आरपीएफ ने सभी को सुरक्षित पोस्ट पर लाकर काउंसिलिंग कराई।
एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी संस्था पीडीडीयू की चंदा कुमारी गुप्ता के सहयोग से बच्चों की काउंसिलिंग की गई। बच्चों से मिले मोबाइल नंबरों के जरिए उनके परिजनों से संपर्क कर घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद सभी सात नाबालिगों को आवश्यक विधिक व संरक्षणात्मक कार्रवाई के लिए चाइल्ड हेल्प डेस्क चाइल्ड लाइन पीडीडीयू के ऑन-ड्यूटी कर्मचारियों को सौंप दिया गया।
कार्रवाई में आरपीएफ के उप निरीक्षक डीएस राणावत, उप निरीक्षक शीतला प्रसाद, सहायक उप निरीक्षक राकेश सिंह, सहायक उप निरीक्षक जेएन राय तथा संस्था की चंदा कुमारी गुप्ता शामिल रहीं। आरपीएफ ने ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत कार्रवाई करते हुए सातों बच्चों को संभावित बाल श्रम अथवा बाल तस्करी के जोखिम से सुरक्षित निकालकर संरक्षण तंत्र के सुपुर्द किया।
