जागरण संवाददाता, पीडीडीयू नगर (चंदौली): कोरोना की दूसरी लहर में दम तोड़ने वाले रेल कर्मियों के आश्रितों के लिए रेलवे मददगार बनी। एक माह के अंदर मृत कर्मी के सभी तरह के भुगतान, पेंशन, सामूहिक बीमा आदि का लाभ आश्रितों को दिया गया। पीडीडीयू मंडल में कोरोना से 18 रेल कर्मियों की मौत हो चुकी है। मंडल ने एक माह में तीन करोड़ 51 हजार 12 रुपये का भुगतान किया है। अब भुगतान करने के बाद आश्रितों को नौकरी देने की योजना बनी है। अधिकारियों का दावा है कि आवश्यक कागजात देने के बाद आश्रितों को नौकरी में समायोजित किया जाएगा ताकि परिवार के लोगों को जल्द राहत मिल सके। कर्मियों के आश्रितों में पत्नी या बेटा या बेटी को आश्रित कोटे में नौकरी मिलेगी। सभी शाखा आश्रितों की सूची तैयार कर रहे। डीआरएम राजेश कुमार पांडेय के निर्देश पर सीनियर डीपीओ अजीत कुमार अभिलेख जुटा रहे हैं। कोरोना की पहली लहर में रेल परिचालन पर असर पड़ा था। यात्री ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह से ठप हो गया। केवल मालगाड़ियों का परिचालन जारी रखा गया। जान की परवाह किए बिना रेल कर्मचारी काम करते रहे। एक राज्य से दूसरे राज्य सामानों को पहुंचाने की प्रक्रिया चलती रही। कुछ महीने बाद संक्रमण की रफ्तार कम हुई तो ट्रेनें पटरी पर आने लगी। कुछ माह के बाद दूसरी लहर ने अधिक चोट पहुंचाई। इस बार रेलवे के अधिकांश कर्मचारी संक्रमण की चपेट में आ चुके थे। कइयों के सांसों की डोर भी छूट गई। पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल में 18 कर्मचारियों की मौत हो गई। कर्मियों के निधन के बाद परिजनों के समक्ष जीविकोपोर्जन की समस्या उत्पन्न हो गई। आश्रितों की परेशानी को समझते हुए मंडल ने एक माह के अंदर ही उनकी सहायता करने का निर्णय लिया है। वर्जन..

सभी तरह के भुगतान करने के बाद आश्रितों को नौकरी देने की पहल की जा रही है। आवश्यक कागजात देने के बाद तत्काल नौकरी दे दी जाएगी।

अजीत कुमार, वरीय मंडल कार्मिक अधिकारी, पीडीडीयू मंडल

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