जागरण संवाददाता, चंदौली : अति पिछड़े जिले के माध्यमिक स्कूलों के छात्रों की आनलाइन पढ़ाई में गरीबी रोड़ा बन रही है। काफी संख्या में छात्रों के पास महंगे एंड्रायड मोबाइल नहीं हैं। इसके चलते छात्र-छात्राएं आनलाइन कक्षाओं से नहीं जुड़ पा रहे हैं। छात्रों के लिए दूरदर्शन का स्वयंप्रभा चैनल ही एक मात्र सहारा है लेकिन बिजली कटौती के चलते वह भी काम नहीं आ रहा।

माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों की ओर से वाट्सएप ग्रुप बनाकर आनलाइन क्लास चलाई जा रही है। लेकिन गांव-गिरांव में गरीब छात्रों के लिए यह पहल सार्थक नहीं साबित हो रही। कारण, करीब 20 फीसदी छात्रों के पास एंड्रायड मोबाइल ही नहीं है। ऐसे में उन्हें वाट्स ग्रुप से जोड़ना संभव नहीं हो पा रहा। दूरदर्शन के स्वयं प्रभा चैनल ही एक मात्र सहारा बचा है। काफी छात्र टीवी के अभाव में इससे भी दूर हैं। उन्हें दूसरे के घर जाकर प्रसारण देखना पड़ रहा है। लेकिन बिजली कटते ही वे मायूस होकर लौट जा रहे हैं। मुख्यालय स्थित महेंद्र टेक्निकल इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डा. रामचंद्र शुक्ला की मानें तो गरीबी व कमजोर नेटवर्क आनलाइन पढ़ाई में बाधा बन रही है। हालांकि विभागीय अधिकारियों के साथ बैठकों में इसको लेकर चर्चा की जाती है।

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