जागरण संवाददाता, चंदौली : कृषि विज्ञान केंद्र में सोमवार को तीन नए विज्ञानियों ने पदभार ग्रहण किया। इनमें पशुपालन के डा प्रतीक सिंह, मृदा विज्ञान डा हनुमान प्रसाद पांडेय व कृषि प्रसार विषय के डा अमित सिंह शामिल हैं। केंद्र में नव नियुक्त विज्ञानियों के आने से जिले के किसानों को पशुपालन से संबंधित जानकारी तो मिलेगी ही उन्हें मृदा परीक्षण का भी लाभ मिलेगा। साथ ही कृषि की नवीन तकनीक से भी अन्नदाता लाभांवित होंगे।

केविके में पिछले कई वर्ष से मृदा परीक्षण व पशुपालन के विज्ञानी का पद खाली चल रहा था। इससे धान के कटोरे के किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पशुपालन के डा. प्रतीक सिंह ने बताया कि पशुपालन के क्षेत्र में भी आर्थिक उन्नति की संभावनाएं हैं। वह किसानों को खेती के साथ पशुपालन के लिए प्रोत्साहित के साथ-साथ पशुओं में होने वाली बीमारियों के बाबत भी जागरूक करेंगे ताकि जिले के किसान पशुपालन के जरिए अपनी आय को दोगुनी कर सकें। वहीं मृदा विज्ञानी डा हनुमान प्रसाद ने कहा कि खेती किसानी में सबसे अहम भूमिका मृदा की है। वर्तमान में अधिक उत्पादन की लालसा में किसान रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कर रहे हैं। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति नष्ट होती जा रही है। ऐसे में किसानों को मृदा की बेहतर सेहत के लिए जैविक उर्वरक का प्रयोग करना आवश्यक हो गया है। फसल अवशेष को जलाने से मिट्टी में मौजूद पोषक तत्व नष्ट होते जा रहे हैं। अन्नदाताओं को मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए आगे आना होगा तभी हमारा कल बेहतर हो पाएगा। इस अवसर पर डा रितेश सिंह गंगवार, मनीष आजाद सहित अन्य विज्ञानी उपस्थित थे।

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