जासं, चकिया (चंदौली) : अयोध्या के महाराजा दशरथ के पुत्र भगवान श्रीराम व भरत का मिलन देखने के लिए नागरिकों का हुजूम मंगलवार की शाम नगर के सहुदल्लापुर तिराहे पर उमड़ पड़ा। सूरज के ढलते ही चारों भाइयों का मिलन हुआ। जिसे देख उपस्थित जन समूह अभिभूत हो गया। श्रीराम, भरत, लक्ष्मण व शत्रुघ्न की वेशभूषा में सजधज कर युवा कलाकारों के तिराहे पर पहुंचते ही जै श्रीराम का जयकारा गूंज उठा।

विजयदशमी पर्व पर बीते कई दशकों से पचवनियां गांव की रामायण समिति की ओर से भरत मिलाप का मंचन किया जाता है। परंपरा के तहत मंगलवार की शाम फूल मालाओं व विद्युत लताओं से सजे रथ पर सवार चारों भाई, मां सीता व भक्त महावीर हनुमान के साथ नगर भ्रमण कर लोगों को दर्शन दिए। जगह-जगह राम भक्तों ने पुष्प वर्षा कर देवताओं को नमन किया। भ्रमण के पश्चात रथ सहदुल्लापुर तिराहे पर पहुंचा। जहां रथ पर भगवान राम लक्ष्मण व सीता के साथ भक्त हनुमान को लेकर उत्तर दिशा से चले। वहीं दक्षिण दिशा से भरत व शत्रुघ्न अयोध्यावासियों के साथ वहां पहुंचे। भगवान राम व भाई लक्ष्मण ने अयोध्या की मिट्टी को नमन किया। 14 वर्षो के लंबे अंतराल के बाद चारों भाइयों का आमना-सामना होते ही प्रेम रूपी अश्रुधारा बहने लगी। भरत व शत्रुघ्न ने साष्टांग दंडवत कर बड़े भाई को नमन किया। यह देख भगवान राम ने जहां भरत को अपनी बाहों में भर लिया। वहीं लक्ष्मण व शत्रुघ्न ने भी एक-दूसरे को गले लगाया। बारी-बारी से चारों भाई एक-दूसरे से मिले। भाइयों के मिलन को देख उपस्थित जन समूह आह्लादित हो उठा। लोग हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए पुष्प वर्षा करने लगे। भगवान की भव्य आरती उतारी गई। आयोजक मंडल की ओर से रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हजारों की संख्या में लोगों ने सारी रात कार्यक्रम का लुप्त उठाया।

Posted By: Jagran

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