जागरण संवाददाता, चंदौली : इच्छा एप से शिक्षकों का मूल्यांकन होगा और दीक्षा एप से पढ़ाएंगे गुरुजी। सह समन्वयकों की नियुक्ति होते ही शिक्षा विभाग ने उन्हें इच्छा एप से जोड़ दिया है। वे महीने में 20 विद्यालयों में शिक्षकों के कार्यों का मूल्यांकन करेंगे वहीं दीक्षा एप से शिक्षक छात्रों को पढ़ाएंगे। इस एप के जरिए छात्रों को सरल ढंग से पढ़ाने के साथ पठन-पाठन को प्रेरित करती विषयवार लघु फिल्में भी दिखाई जाएंगी। दोनों एप की निगरानी राज्य परियोजना निदेशालय करेगा।

परिषदीय शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए तमाम योजनाएं चल रहीं लेकिन अपेक्षाकृत सुधार नहीं हो पा रहा। चालू सत्र में राज्य परियोजना निदेशालय की ओर से एप के जरिए जहां सह समन्वयकों की जिम्मेदारी तय कर दी है, वहीं शिक्षकों को भी लक्ष्य दिया गया है। इसमें इच्छा एप के जरिए सह समन्वयक महीने में 20 विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। वे शिक्षकों का विद्यालय में आने का समय, छात्रों का नामांकन, उपस्थिति, उनके द्वारा बच्चों को पढ़ाने की शैली, एमडीएम, विद्यालय का भौतिक परिवेश के अलावा पढ़ाने में आ रही दिक्कतों को लेकर शिक्षकों को प्रोत्साहित करेंगे। सह समन्वयकों के विद्यालय में किए गए कार्य ऑन लाइन होंगे। इसका लाभ यह भी होगा कि कहीं कोई असहजता की स्थिति बनेगी तो राज्य परियोजना से समन्वयकों को सीधा निर्देश मिलेगा। वहीं दीक्षा एप शिक्षकों के लिए कारगर साबित होगा। इस एप के जरिए शिक्षक पुस्तकों का बार कोड स्कैन करेंगे ताकि पूरी पुस्तक का पाठ्यक्रम मोबाइल में उपलब्ध हो जाए। वे पुस्तकों से तो पढ़ाएंगे ही मोबाइल के जरिए विषयवार छात्रों को शिक्षा के प्रति लगाव लगाने संबंधित लघु फिल्म दिखाई जाएगी। सह समन्वयक डा. उमेश सिंह ने कहा शिक्षकों को पठन-पाठन में होने वाली कठिनाई को भी दूर किया जाएगा।

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दोनों एप शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाएंगे। इसकी मानीटरिग भी की जा रही है। दीक्षा एप को अभी 55 फीसद शिक्षक अपलोड कर पाए हैं। उनके कार्यों का मूल्यांकन भी हो रहा है।

भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए

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